अलविदा 2025: पहलगाम और दिल्ली आतंकी हमले समेत पिछले साल हुई ये बड़ी घटनाएं
क्या है खबर?
नया साल 2026 शुरू हो गया है। भारत के लिए पिछला साल 2025 कई मायनों में मिला-जुला रहा। एक तरफ भारत ने खेल-विज्ञान में झंडा गाड़ा, वहीं एयर इंडिया हादसे और महाकुंभ की भगदड़ ने लोगों को भावुक करने के साथ गुस्से से भर दिया। गर्मी की शुरूआत में पहलगाम आतंकी हमला और सर्दियों की शुरूआत में दिल्ली हमले ने सुरक्षा को लेकर भारत की चिंता और चुनौती दोनों बढ़ा दी। आइए, सालभर के घटनाक्रम पर नजर डालते हैं।
भगदड़
जनवरी में प्रयागराज के महाकुंभ में भगदड़
पिछले साल की शुरुआत उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ में हुई थी, जिसमें 13 जनवरी से 26 फरवरी तक 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने संगम (गंगा-यमुना-सरस्वती नदी) में स्नान किया था। इस दौरान 29 जनवरी को मौनी अमावस्या पर तड़के भगदड़ मच गई, जिसमें कई लोगों की मौत हुई। BBC ने मृतकों का आंकड़ा 82 बताया, जबकि राज्य सरकार के आधिकारिक आंकड़े 37 बताए गए। घटना के बाद सरकार पर भीड़ प्रबंधन को लेकर सवाल उठे।
जानकारी
भगदड़ का रहा साल
इस साल भगदड़ की कई घटनाएं हुईं। 15 फरवरी को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर महाकुंभ यात्रियों की भगदड़ में 18 मौत, 4 जून को बेंगलुरु में चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर 11 मौत और तमिलनाडु में थलापति विजय की चुनावी रैली में 41 मौत हुई।
घटना
अप्रैल में पहलगाम में हुआ पर्यटकों पर हमला
फरवरी में दिल्ली विधानसभा के चुनाव में लोगों ने आम आदमी पार्टी को हटाकर भाजपा को सत्ता दिलाई और रेखा गुप्ता मुख्यमंत्री बनीं। मार्च में भारत ने संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में न्यूजीलैड को हराकर ICC चैंपियंस ट्रॉफी पर कब्जा किया। इसके बाद 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में पहलगाम के बैसरन घाटी में पाकिस्तानी आतंकियों ने 26 पर्यटकों का धर्म पूछकर गोली मार दी। इससे पूरे देश में पाकिस्तान के खिलाफ एक गुस्सा भड़क गया।
ऑपरेशन
'ऑपरेशन सिंदूर' ने लिया बदला
पहलगाम हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ अपने कूटनीतिक रिश्ते कम किए और सिंधू जल संधि को तोड़कर पाकिस्तान को पानी के लिए तरसा दिया। इस बीच भारतीय सेना ने 7 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू कर पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया, जिससे दोनों देशों के बीच ड्रोन और मिसाइल हमले शुरू हो गए। आखिरकार, भारी नुकसान के बाद पाकिस्तान ने 10 मई को संघर्ष विराम की पहल की, जिसे भारत ने स्वीकार किया।
हादसा
जून में एयर इंडिया हादसा बना दशक का सबसे बड़ा हादसा
गुजरात के अहमदाबाद से 12 जून को एयर इंडिया की बोइंग 787 AI-171 विमान ने लंदन के लिए उड़ान भरी थी, जो उड़ते ही अस्पताल के छात्रावास से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के समय विमान में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी समेत 242 लोग सवार थे, जिसमें 1 को छोड़कर सभी की मौत हो गई। हादसे की वजह से जमीन पर 19 अन्य लोग मारे गए। यह दशक का सबसे बड़ा विमान हादसा था, जिसकी जांच जारी है।
आपदा
प्राकृतिक आपदाओं से पहाड़ से मैदान तक तबाही
जुलाई-अगस्त में मानसून के समय प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ा। पंजाब में 4 दशक के बाद भीषण बाढ़ आई, जिससे 12 से अधिक जिले प्रभावित हुए और 29 लोगों की मौत हो गई। उत्तराखंड में उत्तरकाशी के धाराली में 5 अगस्त और 14 अगस्त को जम्मू-कश्मीर में किश्तवार के चिसोती गांव बादल फटने से क्रमश: 70 और 60 से अधिक मौत हुई। हिमाचल प्रदेश में पूरे साल 30 से अधिक बादल फटने की घटना हुई, जिससे बड़ा नुकसान हुआ।
हमला
साल जाते-जाते दिल्ली आतंकी हमले ने चुनौती बढ़ाई
यह साल जाते-जाते केंद्र सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के माथे पर चिंता की बड़ी लकीर दे गया। दरअसल, अप्रैल में पहलगाम हमला रोकने में नाकाम रही सरकार को आतंकियों ने 10 नवंबर को लाल किले के पास धमाका करके चुनौती दी। इसमें 15 से अधिक लोग मारे गए। जांच में आत्मघाती हमलावर का पता चला जो फरीदाबाद की अल-फलाह विश्वविद्यालय का प्रोफेसर था। हमले को जैश-ए-मोहम्मद से जुड़कर व्हाइट कॉलर गिरोह ने अंजाम दिया, जिसमें अधिकतर जम्मू-कश्मीर के डॉक्टर थे।