CID की पूछताछ से पहले JPSC में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 3 सदस्यों ने दिया इस्तीफा
क्या है खबर?
झारखंड की राजधानी रांची में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में कथित परीक्षा अनियमितताओं के विरोध में चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच रविवार को एक बहुत बड़ा प्रशासनिक घटनाक्रम सामने आया है। आयोग के 3 मौजूदा सदस्यों ने अपने पदों से सामूहिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। इन सदस्यों में अजीता भट्टाचार्य, जमील अहमद और अनिमा हांसदा शामिल हैं। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने इस्तीफों को तत्काल प्रभाव से मंजूर भी कर लिया है।
कदम
पूछताछ के ठीक एक दिन पहले उठाया कदम
यह इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब राज्य की अपराध अनुसंधान शाखा (CID) परीक्षा घोटाले के मामले में इन सदस्यों से पूछताछ करने वाली थी।
CID ने इन तीनों सदस्यों को सोमवार (10 अगस्त) को पूछताछ के लिए तलब किया था, लेकिन पूछताछ से ठीक एक दिन पहले ही तीनों ने अपना त्यागपत्र राज्यपाल को सौंप दिया।
इन इस्तीफो को JPSC परिक्षाओं में इन इन सदस्यों द्वारा लापरवाही बरतने के रूप में देखा जा रहा है।
बयान
मंत्री ने क्या दिया बयान?
इधर, छात्रों से मुलाकात के बाद झारखंड के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा, "तीसरे दिन की वार्ता और व्यापक विचार-विमर्श के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशों पर सरकार ने तय किया कि 14वीं JPSC और 2023-25 की बैकलॉग भर्तियों से जुड़ी अनियमितताओं में आपराधिक पहलुओं की जांच CID करेगी और वित्तीय मामलों की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) से कराने का अनुरोध किया जाएगा। इसी तरह 90 दिनों में आरोपियों के खिलाफ फास्ट-ट्रैक कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जाएगी।"
सुधार
मंत्री ने दिया जरूरी सुधार करने का भरोसा
मंत्री ने कहा, "परीक्षाओं में जरूरी सुधारों के लिए IIT-ISM, IIM रांची और XLRI के विशेषज्ञों की एक समिति बनाकर सुधार किया जाएगा।"
छात्र प्रतिनिधियों ने CGL परीक्षा रद्द करने की मांग की, लेकिन सरकार ने परीक्षा के हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार आयोजित करने के कारण इससे इनकार कर दिया।
सरकार ने एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में निगरानी समिति बनाकर जांच की देखरेख करने का प्रस्ताव दिया, लेकिन छात्रों ने इसे अस्वीकार कर दिया।