उत्तर प्रदेश में 140 सोशल मीडिया हैंडल जांच के दायरे में, महाकुंभ से जुड़ा है मामला
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ के खिलाफ भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर उत्तर प्रदेश पुलिस शिकंजा कसने जा रही है।
पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि महाकुंभ के खिलाफ गलत जानकारी साझा करने वाले 140 सोशल मीडिया हैंडल जांच के दायरे में आ गए हैं। लोगों को गुमराह करने में कुल 13 प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पुलिस की ओर से सोशल मीडिया हैंडल की जानकारी जुटाई जा रही है।
शिकंजा
भगदड़ मामले को लेकर सरकार संवेदनशील
पुलिस की ओर से सोशल मीडिया हैंडल और उनकी द्वारा फैलाई गई गलत सूचनाओं की पूरी जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन बताया जा रहा है कि इसमें भगदड़ को रिपोर्ट करने वाले शामिल हो सकते हैं।
महाकुंभ में 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन मची भगदड़ में 30 लोगों के मारे जाने की पुष्टि सरकार ने की है, जबकि कई सोशल मीडिया में मृतकों की संख्या अधिक बताई जा रही थी।
पुलिस सोशल मीडिया पर नजर रखे है।
कार्रवाई
आपत्तिजनक तस्वीरें साझा करने वालों पर भी कार्रवाई
उत्तर प्रदेश पुलिस ने पिछले दिनों एक ऐसे मामले का खुलासा किया था, जिसमें महाकुंभ में त्रिवेणी संगम में स्नान करती महिला तीर्थयात्रियों के वीडियो और तस्वीरों को सोशल मीडिया पर बेंचा जा रहा था।
अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर इन तस्वीरों की 500 रुपये से 1,900 रुपये और उससे अधिक कीमत लगाई गई थी।
पुलिस ने तस्वीरें और वीडियो साझा करने और बेचने के लिए बुधवार 19 फरवरी को सोशल मीडिया अकाउंट्स के खिलाफ 2 मामले दर्ज किए थे।
जानकारी
26 फरवरी को है अंतिम स्नान
महाकुंभ अब समापन की ओर है। कल्पावास की अवधि खत्म हो चुकी है और महाकुंभ परिसर के शिविर लगभग खाली हैं। महाकुंभ का अंतिम स्नान महाशिवरात्रि पर 26 फरवरी को होगा। इसके साथ महाकुंभ का समापन हो जाएगा। महाकुंभ में 60 करोड़ श्रद्धालु आए हैं।