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इंदौर में दूषित पानी की रिपोर्ट में खुलासा, हैजा फैलाने वाला बैक्टीरिया पाया गया
इंदौर के अस्पताल में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मरीजों से मुलाकात की (तस्वीर: एक्स/@DrMohanYadav51)

इंदौर में दूषित पानी की रिपोर्ट में खुलासा, हैजा फैलाने वाला बैक्टीरिया पाया गया

लेखन गजेंद्र
Jan 02, 2026
09:20 am

क्या है खबर?

मध्य प्रदेश में इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में जिन 14 लोगों की मौत हुई है, उसका कारण दूषित पानी ही है। दैनिक भास्कर के मुताबिक, महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज और नर्मदा आपूर्ति शाखा की प्रयोगशाला रिपोर्ट आ गई है, जिसमें पानी में जानलेवा बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है। मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी डॉ माधव हसानी ने बताया कि नमूनों में पुष्टि हुई है कि दूषित पानी पीने से ही लोग बीमार पड़े और उनकी जान गई है।

रिपोर्ट

हैजा फैलाने वाला बैक्टीरिया मिला

आपूर्ति शाखा की रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि नमूनों में फीकल कॉलिफॉर्म, ई-कोलाई और क्लेबसेला जैसे बैक्टीरिया मिले हैं, जिससे पेट दर्द, उल्टी-दस्त होती है। नमूनों में हैजा फैलाने वाले विब्रियो कोलेरी भी पाया गया है। नमूने रविवार से लिए जा रहे थे, जिसो नगर निगम, मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग भेजा गया था। निगम आयुक्त के मुताबिक, अभी तक 80 नमूनों की जांच कराई गई है, जिसमें पानी को दूषित करने वाले तत्व पाए गए हैं।

विरोध

महिलाओं ने मुआवजा का चेक लेने से इंकार किया, कैलाश विजयवर्गीय का विरोध

मध्य प्रदेश के नगरीय आवास और विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय दोपहिया वाहन से इलाके में पहुंचे थे और 7 मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये का चेक दिया जाना था। पीड़ितों ने चेक लेने से इंकार कर दिया। महिलाओं ने मंत्री से पूछा कि पिछले 2 साल से गंदा पानी आने की शिकायत की जा रही थी, लेकिन कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो रही थी। विरोध को देखते हुए मंत्री मौके से निकल गए।

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संज्ञान

मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया

मौतों को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी संज्ञान लिया है। उसने मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर 2 सप्ताह में पूरी रिपोर्ट मांगी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने उल्टी और दस्त के प्रकोप को आपातकालीन स्थिति बताया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 8 दिनों में 272 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसमें 71 को छुट्टी मिल गई। अभी 201 अस्पताल में हैं, जबकि 71 ICU में हैं।

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जांच

ड्रेनेज का पानी पेयजल की पाइपलाइन से मिला

इंदौर नगर निगम ने दूषित पानी आपूर्ति की लाइन की जांच की तो पता चला कि जिस मेन लाइन से क्षेत्र में पानी आता है, उसके ऊपर सार्वजनिक शौचालय बना है। मुख्य लाइन फूटने से शौचालय का गंदा पानी सीधे पेयजल पाइप से मिलकर लोगों तक पहुंचने लगा। क्षेत्र में अन्य जगह भी लाइन टूटी मिली। इसके बाद भागीरथपुरा में नर्मदा नदी के पानी की सप्लाई बंद कर टैंकरों से जल वितरण हो रहा है।

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