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मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद अपने पुश्तैनी घर को तोड़ा, जानिए पूरा मामला
उज्जैन में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद अपने पुश्तैनी घर को तोड़ा

मध्य प्रदेश: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद अपने पुश्तैनी घर को तोड़ा, जानिए पूरा मामला

Sep 27, 2026
03:24 pm

क्या है खबर?

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव रविवार (27 सितंबर) को उज्जैन में एक बिल्कुल अलग अंदाज में नजर आए। मुख्यमंत्री इस बार अपने हाथ में गैंती (कुदाल) थामे नजर आए और उन्होंने खुद अपने ही पुश्तैनी मकान की दीवारों को तोड़ना शुरू कर दिया। मुख्यमंत्री ने यह कदम वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों के तहत किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य के समर्थन में उठाया है। आइए पूरा मामला जानते हैं।

प्रकरण

क्या है सड़क चौड़ाईकरण का पूरा मामला?

दरअसल, खजूरवाली मस्जिद से जीवाजीगंज थाने होते हुए गणेश चौक तक जाने वाली 730 मीटर लंबी सड़क को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है।

इस मास्टर प्लान की जद में मुख्यमंत्री के पुश्तैनी मकान का लगभग 2.3 मीटर का हिस्सा भी आ रहा था।

1974 में उनके दादा रामचंद्र यादव द्वारा बनाए गए इस घर और आंगन में मुख्यमंत्री का बचपन बीता था, लेकिन विकास कार्य में कोई बाधा न आए, इसलिए उन्होंने खुद इसे हटाने की शुरुआत की।

बयान

लोगों ने स्वेच्छा से किया सहयोग

पुश्तैनी घर के प्रभावित हिस्से को खुद ढहाने के बाद मुख्यमंत्री यादव ने उज्जैन की जनता की सराहना की।

उन्होंने कहा, "चाहे हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई हों या पारसी, लोगों ने अपने पूजा स्थलों को भी स्वेच्छा से पीछे हटा लिया है। उज्जैन की लगभग 8 लाख की आबादी, सिंहस्थ के दौरान आने वाले करीब 40 करोड़ लोगों की मेजबानी और प्रबंधन के लिए खुद को तैयार कर रही है। इसमें हर किसी ने अपना योगदान दिया है।"

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ट्विटर पोस्ट

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संदेश

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया प्रतीकात्मक संदेश

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने कहा, "मुख्यमंत्री ने खुद अपने घर के एक हिस्से को ध्वस्त करने का फैसला यह संदेश देने के लिए किया कि उनका अपना घर या वास्तव में किसी भी VIP की संपत्ति को बख्शा नहीं जाएगा। यह एक प्रतीकात्मक कदम था जिससे जनता का विश्वास बढ़ेगा।"

मुख्यमंत्री की बहन कलावती यादव का घर भी इस चौड़ीकरण की जद में आ रहा है और उन्होंने भी शहर के विकास के लिए कार्रवाई पर सहमति जताई है।

कदम

संवेदनशील मोड़ पर आया मुख्यमंत्री का यह कदम

उज्जैन नगर निगम द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान के तहत गोपाल मंदिर रोड को 15 मीटर चौड़ा करने के लिए वक्फ संपत्ति के रूप में पंजीकृत 'शाही मस्जिद' के एक हिस्से को भी हटाया जाना है, जिसे लेकर कानूनी लड़ाई चल रही थी।

इसी महीने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने कहा था कि नगर निगम पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन कर रहा है। पहले 10 मंदिरों और एक मस्जिद के हिस्सों को हटाया जा चुका है।

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