भाजपा सांसद के भाई को मिला था लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का ठेका, 18 दिन में धंसा- रिपोर्ट
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को औद्योगिक राजधानी कानपुर से जोड़ने वाले लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे की हालत उद्घाटन के 18 दिन बाद ही बिगड़ गई। दैनिक भास्कर के मुताबिक, 63 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे 18 दिन में 84 जगह धंस चुका है। कानपुर लेन पर 39 जगह पैचवर्क हुआ है, जबकि लखनऊ लेन पर 45 जगह मरम्मत हुई है। एक्सप्रेसवे बनाने का ठेका भाजपा के राज्यसभा सांसद नवीन जैन के भाई प्रदीप जैन की कंपनी PNC इंफ्राटेक कंपनी को दिया गया था।
एक्सप्रेसवे
4,700 करोड़ रुपये में बना है एक्सप्रेसवे
इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 13 जुलाई, 2026 को हुआ था। तब केंद्रीय सड़क और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने वचन दिया था कि उत्तर प्रदेश के राष्ट्रीय राजमार्ग अमेरिका जैसे होंगे।
ऐसे में अब एक्सप्रेसवे की बुरी दुर्दशा पर लोग सरकार के कामकाज पर सवाल उठा रहे हैं। यह एक्सप्रेस 4,700 करोड़ रुपये में बना है और एक किलमीटर सड़क बनाने में 75 करोड़ रुपये का खर्च आया है।
उत्तर प्रदेश में बने सभी एक्सप्रेसवे में यह सबसे महंगा है।
ठेका
भाजपा सांसद के भाई की कंपनी पर सवाल
रिपोर्ट के मुताबिक, PNC इंफ्राटेक कंपनी को 23 फरवरी 2022 को एक्सप्रेसवे का ठेका मिला था। हालांकि, अक्टूबर 2024 को कंपनी पर नए टेंडर में भाग लेने पर प्रतिबंध लगाया गया था।
कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों पर आरोप लगा था कि उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों को रिश्वत दी थी।
अब कंपनी को नॉन-परफॉर्मर घोषित कर उसके ऊपर 2 प्रतिशत का जुर्माना लगाया है और उसके अधिकारियों को 2 साल के लिए प्रतिबंधित किया है।
कार्रवाई
टोल टैक्स वसूली बंद, पंखे से सुखाया जा रहा एक्सप्रेसवे पैचवर्क
NHAI ने एक्सप्रेसवे बनाने वाली कंपनी PNC कोटूटे हाइवे की मरम्मत करने को कहा है। जब तक काम नहीं होता, तब तक टोल नहीं वसूला जाएगा। यहां पैचवर्क सुखाने के लिए 10 पंखे लगाए गए हैं।
PNC के परियोजना प्रबंधक, टीम लीडर और क्षेत्रीय इंजीनियर को हटाया गया है और तीनों को 2 साल के लिए केंद्रीय परियोजनाओं से प्रतिबंधित किया गया है।
एक्सप्रेसवे का एक तरफ का टोल 275 रुपये और दोनों तरफ का 415 रुपये लग रहा है।
ट्विटर पोस्ट
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का हाल
यूपी : लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेस वे पर पेच वर्क के पास भरे बरसाती पानी को सुखाने के लिए 10 पंखे लगाए गए हैं !!
— Sachin Gupta (@Sachingupta) August 6, 2026
यह तकनीक देश से बाहर नहीं जानी चाहिए... https://t.co/fGBi4M9LSn pic.twitter.com/38LJUo8pJl