LPU विवाद: विश्वविद्यालय द्वारा जारी सफाई वीडियो पर छात्राओं का दावा, कहा- जबरन दिलवाया बयान
क्या है खबर?
पंजाब के फागवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल विश्वविद्यालय (LPU) में छात्रा से कथित यौन उत्पीड़न और आत्महत्या की अफवाहों के बाद भड़की हिंसक घटनाओं के बीच एक चौंकाने वाला मोड़ आया है। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा स्थिति को शांत करने के लिए जारी किए गए एक स्पष्टीकरण वीडियो पर विवाद खड़ा हो गया है। वीडियो में घटना से इनकार करने वाली छात्राओं ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय प्रशासन उनसे जबरन वह बयान दिलवाया था। उसके बाद से वह काफी परेशान हैं।
वीडियो
विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जारी वीडियो में क्या था?
विरोध प्रदर्शनों के बीच रजिस्ट्रार डॉ मोनिका गुलाटी ने छात्रों को संबोधित करते हुए एक वीडियो जारी किया था।
उस वीडियो में उन्होंने महिला छात्रावास-3 के कमरा नंबर 504 में रहने वाली 3 छात्राओं को दिखाया, जिनका नाम आरोपों में लिया गया है।
इन छात्राओं ने वहां किसी घटना के होने से इनकार किया था।
वीडियो में डॉ गुलाटी ने कहा, "मैं चाहूंगी कि आप सुनें कि GH3 के कमरा नंबर 504 में रहने वाली लड़कियों ने हमें क्या बताया।"
बयान
वीडियो में छात्राओं ने क्या दिया था बयान?
वीडियो में एक छात्रा ने कहा, "हम कमरा नंबर 504 में रहते हैं। हमारे कमरे में कोई घटना नहीं हुई। हम 2 महीनों से यहीं रह रहे हैं। कृपया, हमें परेशान न करें। हमारे कमरे में ऐसी कोई घटना नहीं हुई और हम इसमें बिल्कुल भी शामिल नहीं हैं।"
दूसरी और तीसरी छात्रा ने कहा था, "आज हम बेहद परेशान हैं और अगर हमें और परेशानी हुई तो हम अपने माता-पिता को इसमें शामिल करेंगे। कृपया हमें परेशान न करें।"
बचाव
वीडियो में डॉ गुलाटी ने घटना को बताया था अफवाह
वीडियो के अंत में डॉ गुलाटी ने दावा किया कि चल रहे विरोध प्रदर्शन और अशांति झूठी और मनगढ़ंत अफवाहों के माध्यम से विश्वविद्यालय को बदनाम करने की साजिश है।
उन्होंने कहा, "इन सब से यही निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि इसके पीछे असामाजिक तत्व और निहित स्वार्थ वाले व्यक्ति शामिल हैं।"
हालांकि, अब एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें वही तीनों छात्राओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर जबरन वह बयान दिलाने का आरोप लगाया है।
दावा
नए वीडियों में छात्राओं ने क्या किया दावा?
सोशल मीडिया पर जारी नए वीडियो में छात्राओं ने कहा, "LPU प्रशासन ने हमसे यह सब रिकॉर्ड करने और उनके पक्ष में बोलने के लिए कहा था। हमें निर्देश दिया गया था कि हम कहें कि छात्र और अन्य लोग हमें परेशान कर रहे हैं। हमारे वीडियो को आधा काटकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया, जिसके बारे में हमारी सहमति भी नहीं ली गई थी। अब हम बेवजह की गालियों और ट्रोलिंग का सामना कर रहे हैं।"
जानकारी
"हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं"
एक छात्रा ने बयान में आगे जोड़ते हुए कहा, "हमारा इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है। प्रशासन द्वारा एक रैंडम (कोई भी) कमरा चुना गया और उसे नाम दे दिया गया। हमारी इसमें कोई भूमिका नहीं है, कृपया हमें अकेला छोड़ दें।"
कदम
विश्वविद्यालय प्रशासन ने हिंसा के बाद यह उठाया कदम
मामले में रविवार शाम को भड़की हिंसा के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने एहतियात के तौर पर सोमवार से अगले 10 दिनों के लिए कक्षाओं को पूरी तरह निलंबित कर दिया है।
इसके साथ ही मध्यावधि परीक्षाएं भी अगले आदेश तक टाल दी गई हैं। तनाव के माहौल के बीच सरकार ने विश्वविद्यालय के आस-पास के क्षेत्र में इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले की जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है।
विवाद
क्या है मामला?
विश्वविद्यालय परिसर में 27 सितंबर की रात LPU के महिला छात्रावास-3 को लेकर खबर फैली की यहां रहने वाली छात्रा के साथ कुछ बाहरी लोगों ने रेप किया है, जिसके बाद छात्रा ने आत्महत्या कर ली।
विश्वविद्यालय प्रशासन पर घटना को दबाने का आरोप लगा, जिसके बाद छात्रों का आक्रोश बढ़ गया और प्रदर्शन शुरू हो गए।
रविवार को प्रदर्शन हिंसक हो गया और पुलिस-छात्रों के बीच झड़प हुई। राष्ट्रीय राजमार्ग-44 अवरुद्ध कर दिया और वाहनों को आग लगाई गई।
जांच
पुलिस की जांच और ताजा स्थिति
जालंधर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक (DIG) नवीन सिंगला ने बताया कि छात्रा से उत्पीड़न मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया और गहराई से जांच जारी है।
वहीं, जालंधर ग्रामीण के ASP हरविंदर सिंह विर्क ने बताया कि कल हुई हिंसा में उपद्रवियों द्वारा पुलिस की 4 से 5 गाड़ियों को क्षतिग्रस्त किया गया है।
पुलिस का मानना है कि छात्रों के प्रदर्शन के बीच कुछ बाहरी असामाजिक तत्व घुस आए थे जिन्होंने आगजनी और तोड़फोड़ की।