LPG की टेंशन खत्म! अब बुकिंग से भी तेज घर आएगा सिलेंडर
अच्छी खबर है कि पूरे देश में LPG सिलेंडरों की डिलीवरी अब बुकिंग से ज्यादा हो रही है। इससे पुराने अटके काम (बैकलाग) तेजी से निपटाए जा रहे हैं और काम में भी रफ्तार आई है। मार्च में जब डिलीवरी में सबसे ज्यादा देरी हो रही थी, तब सिलेंडर मिलने में 5 दिनों से ज्यादा लगते थे। अब यह समय घटकर सिर्फ 4.5 दिन रह गया है। पेट्रोलियम मंत्रालय की सुजाता शर्मा ने बताया कि यह सुधार लोगों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ही किया गया है।
LPG उत्पादन प्रतिदिन 50,000 मीट्रिक टन तक पहुंच गया
मांग को पूरा करने के लिए अब LPG का उत्पादन बढ़कर रोजाना 50,000 मीट्रिक टन हो गया है। सिर्फ 4 दिनों में ही डिस्ट्रीब्यूटर्स ने बुक किए गए सिलेंडरों से 6 लाख से ज्यादा सिलेंडर डिलीवर कर दिए। इससे साफ है कि आपूर्ति तेजी से मांग पूरी कर रही है। एक अच्छी बात यह भी है कि सरकार ने एक नया नियम लागू किया है। इसके तहत अगर किसी ने PNG कनेक्शन लिया है, तो वह 30 दिन के अंदर अपना LPG कनेक्शन सरेंडर कर सकता है या उसे कहीं और ट्रांसफर भी करवा सकता है। किराए पर रहने वाले या पढ़ाई के लिए अक्सर एक शहर से दूसरे शहर जाने वाले छात्रों के लिए यह सुविधा बहुत काम की है।
सुजाता शर्मा ने पंपों पर स्टॉक की निगरानी के बारे में बताया
शर्मा ने हाल ही में कुछ पंपों पर ईंधन की कमी के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि इसकी कई वजहें थीं, जैसे खेती-बाड़ी में ईंधन का ज्यादा इस्तेमाल। इसके अलावा, कीमत में अंतर होने के कारण थोक खरीदार निजी पेट्रोल पंपों की बजाय सरकारी खुदरा दुकानों से ईंधन खरीदने लगे थे। वहीं, आम ग्राहक भी निजी पंपों से हटकर सरकारी तेल कंपनियों के आउटलेट पर जा रहे थे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि तेल कंपनियां और सरकार, दोनों ही स्टॉक पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं और जहां भी जरूरत होगी, वहां तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।