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नौ साल से शादी के लिए नहीं ढूंढ सके रिश्ता, मैरिज ब्यूरो को चुकाना होगा हर्जाना
शादी के लिए रिश्ता न ढूंढ पाने पर मैरिज ब्यूरो को मुआवजा देने का आदेश (प्रतीकात्मक तस्वीर)

नौ साल से शादी के लिए नहीं ढूंढ सके रिश्ता, मैरिज ब्यूरो को चुकाना होगा हर्जाना

लेखन गजेंद्र
Jul 16, 2026
07:12 pm

क्या है खबर?

केरलम के कन्नूर में अपने लिए शादी का रिश्ता खोज रहे एक प्रोफेसर 9 साल बाद भी कुवारे हैं, जिससे तंग आकर उन्होंने मैरिज ब्यूरो के खिलाफ उपभोक्ता अदालत में शिकायत कर दी। नर्सिंग कॉलेज के प्रोफेसर ने आरोप लगाया कि उन्होंने 2016 में श्रीचक्र मैरिज ब्यूरो के साथ पंजीकरण कराया था औरआवश्यक शुल्क देने के बावजूद भी उन्हें कभी उपयुक्त विवाह प्रस्ताव नहीं दिया गया। उपभोक्ता अदालत ने मैरिज ब्यूरो को प्रोफेसर को हर्जाना देने का आदेश दिया है।

घटना

शादी का इंतजार करते-करते हो गई पिता की मौत

प्रोफेसर ने कन्नूर जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग में शिकायत दी कि मैरिज ब्यूरो में पंजीकरण किए 9 साल हो गए हैं, लेकिन हर बार सिर्फ शादी का आश्वासन दिया गया।

उन्होंने बताया कि एक बार कासरगोड से एक संभावित दुल्हन दिलाने का आश्वासन दिया था, लेकिन कभी भी उस वादे को पूरा नहीं किया।

शिकायतकर्ता ने बताया कि उसके बुजुर्ग माता-पिता भी उसकी शादी का इंतजार कर रहे थे। इस बीच उसके पिता की 2025 में मौत हो गई।

आदेश

कोर्ट ने यह सुनाया फैसला

आयोग ने ब्यूरो को सेवा में कमी के लिए दोषी ठहराया। ब्यूरो सुनवाई में हाजिर नहीं हुआ और न ही कोई लिखित दावा किया था।

शिकायतकर्ता ने मुआवजे के तौर पर 15,000 रुपये मांगे थे, लेकिन आयोग ने एकतरफा फैसला सुनाते हुए ब्यूरो को 3,000 रुपये पंजीकरण शुल्क वापस करने, 3,000 रुपये मुआवजा और 2,000 रुपये मुकदमेबाजी खर्च वापस करने का आदेश दिया।

कोर्ट ने कहा कि भुगतान 30 दिन में नहीं हुआ तो ब्यूरो पर 9 प्रतिशत ब्याज लगेगा।

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