कश्मीरी अलगावादी आसिया अंद्राबी को UAPA मामले में आजीवन कारावास की सजा, जानिए पूरा मामला
क्या है खबर?
दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को कश्मीरी अलगाववादी आसिया अंद्राबी को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत आजीवन करावास की सजा सुनाई है। अंद्राबी पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था। उनकी सहयोगी सोफी फहमीदा और नाहिदा नसरीन को 30-30 साल की कैद की सजा दी गई है। तीनों को पहले भी प्रतिबंधित संगठन दुख्तरान-ए-मिल्लत (DeM) से जुड़ी गतिविधियों में शामिल होने के लिए दोषी ठहराया जा चुका है।
आरोप
तीनों पर क्या है आरोप?
दिल्ली की विशेष अदालत ने तीनों को UAPA की कई धाराओं में दोषी पाया है, जिसमें धारा 18 और 38 भी शामिल है। ये साजिश और आतंकवादी संगठन की सदस्यता से संबंधित है। साथ ही, इन्हें भारतीय दंड संहिता (IPC) की उन धाराओं के तहत भी दोषी ठहराया गया था जिनमें आपराधिक साजिश रचने और राज्य के खिलाफ युद्ध छेड़ने का आरोप है। आरोप है कि तीनों अलगाववादी विचारधारा को बढ़ाने, समर्थन जुटाने और क्षेत्र अस्थिर करने में शामिल थीं।
संगठन
क्या है मामला?
यह मामला पाकिस्तान के समर्थन से देश में हालात बिगाड़ने से जुड़ा है, जिसमें जम्मू-कश्मीर को भारत से अलग करने की मांग करने वाला DeM भी शामिल था। अंद्राबी इसकी प्रमुख हैं। गृह मंत्रालय के निर्देश पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उनके और संगठन के खिलाफ मामला दर्ज किया और अप्रैल 2018 में अंद्राबी समेत 3 लोगों को गिरफ्तार किया। 2021 में विशेष अदालत ने UAPA मामले में मुकदमा चलाया और खिलाफ देशद्रोह समेत कई गंभीर आरोप तय किए।