कर्नाटक में सिद्धारमैया सरकार से मुस्लिम संगठन नाराज, वादे पूरे न करने का आरोप
क्या है खबर?
कर्नाटक के मुस्लिम विद्वानों और उलेमाओं के संगठन ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार पर वादे पूरे न करने का आरोप लगाए हैं। न्यूज18 के मुताबिक, संगठन ने कहा कि पार्टी के घोषणापत्र में अल्पसंख्यकों को लेकर कई मुद्दे उठाए गए थे, जिनमें मुसलमानों के लिए आरक्षण, धर्मांतरण विरोधी कानून और हिजाब विवाद शामिल था। उन्होंने दावा किया कि अभी तक इनमें से किसी पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
नाराजगी
दावनगेरे दक्षिण उपचुनाव में उम्मीदवार का विरोध
मुस्लिम संगठन ने दावणगेरे दक्षिण में होने वाले उपचुनाव में पार्टी की ओर से उतारे गए उम्मीदवार को लेकर भी नाराजगी जताई है। संगठन का कहना है कि अल्पसंख्यक उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया गया, जबकि पार्टी ने शमनूर शिवशंकरप्पा के पोते को नामांकित किया है। संगठन ने कहा कि पार्टी के इस कदम से गंभीर चिंताएं पैदा हो रही है, जबकि पहले दिए गए आश्वासनों से यह संकेत मिला था कि इस मामले को सुलझा लिया जाएगा।
मांग
क्या है सीट को लेकर विवाद?
दावणगेरे सीट विधायक शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद खाली हुई थी। इस सीट से जमीयत उलेमा-ए-कर्नाटक के नेताओं ने मुस्लिम उम्मीदवार उतारने की मांग की थी। कांग्रेस ने मांग को दरकिनार करते हुए शमनूर के पोते को उतार दिया, जिससे मुस्लिम समाज नाराज है। यहां 9 अप्रैल को चुनाव हो चुके हैं। चुनाव में पार्टी विरोधी काम करने पर कांग्रेस MLC नसीर अहमद को सिद्धरमैया के राजनीतिक सचिव और MLC अब्दुल जब्बार को पार्टी से निष्कासित कर चुकी है।