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कर्नाटक में गुटखा-तंबाकू और निकोटीन युक्त पान मसाला पर एक साल का प्रतिबंध
कर्नाटक में गुटखा, तंबाकू और निकोटीन युक्त पान मसाला पर एक साल का प्रतिबंध

कर्नाटक में गुटखा-तंबाकू और निकोटीन युक्त पान मसाला पर एक साल का प्रतिबंध

लेखन गजेंद्र
Aug 12, 2026
02:21 pm

क्या है खबर?

कर्नाटक में अब एक साल तक गुटखा और तंबाकू युक्त पान मसाला नहीं मिलेगा। कांग्रेस सरकार ने जन स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए इसे पूरे प्रदेश में प्रतिबंधित कर दिया है। कर्नाटक राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने आदेश जारी किया है। इस संबंध में अधिसूचना जुलाई में जारी की गई थी। आदेश के मुताबिक, अब राज्य में तंबाकू, निकोटीन युक्त गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर एक साल प्रतिबंध रहेगा।

प्रतिबंध

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने जून में प्रतिबंध लगाने का दिया था संकेत

अधिसूचना में विशेष रूप से गुटखा और पान मसाला शामिल है, जिनमें तंबाकू और निकोटीन एक घटक के रूप में मौजूद होते हैं। इनको पाउच, थैली, पैकेज या कंटेनर में पैक किया जाता है, या किसी अन्य नाम से बेचा जाता है।

जून में बेंगलुरु के कांतीरवा स्टेडियम में आयोजित राजीव गांधी स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (RGUHS) के 31वें स्थापना दिवस समारोह और 'नशा मुक्त भारत सम्मेलन' में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने संकेत दिया था कि वह जल्द कड़े कदम उठाएंगे।

आदेश

नशा मुक्त कर्नाटक का लक्ष्य

शिवकुमार ने कार्यक्रम में कहा था, "मुझे पता चला है कि पान मसाला, गुटखा, सुपारी और ऐसे ही अन्य उत्पादों में मादक पदार्थ मिलाकर उन्हें बेचा जा रहा है, ताकि उनसे नशा हो सके। अगर यह सच है और इसे तुरंत नहीं रोका गया, तो कर्नाटक में सभी प्रकार के पान मसाला, गुटखा और चबाने वाले तंबाकू उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।"

उन्होंने कहा था कि नशा मुक्त कर्नाटक बनाना हमारा लक्ष्य है।

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प्रतिबंध

ओडिशा ने भी जनवरी में लगाया था प्रतिबंध

ओडिशा में भी पान मसाला, गुटखा और तंबाकू पर जनवरी से पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। अब राज्य में ये उत्पाद न बनेंगे, बिकेंगे और न लोग खा सकेंगे।

सरकार ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट और भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के दिशानिर्देश के आधार पर लिया है।

ओडिशा में 2013 से तंबाकू और निकोटिन युक्त उत्पाद बनाने और बिक्री पर रोक है, लेकिन दूसरे राज्यों से तस्करी हो रही थी।

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मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर प्रतिबंध करने की तैयारी

मध्य प्रदेश में जल्द एनालॉग यानी कृत्रिम रूप से बने पनीर पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। इसकी जानकारी मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दी है। ऐसा करने पर मध्य प्रदेश महाराष्ट्र के बाद दूसरा राज्य बनेगा।

यादव ने अहमदाबाद में कहा कि कहा, "हमने निर्णय लिया है कि एनालॉग पनीर को प्रतिबंध करेंगे। हमारे यहां प्राकृतिक रूप से दूध उत्पाद की शुद्धता के बलबूते अपने राज्य की पहचान बनाएंगे। दूध उत्पादन में हम आगे हैं लेकिन ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा नहीं देंगे।"

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