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कर्नाटक हाई कोर्ट ने श्रीश्री रविशंकर के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की, जानिए क्या है मामला
कर्नाटक हाई कोर्ट ने श्रीश्री रविशंकर के खिलाफ जमीन अतिक्रमण मामले में दर्ज FIR रद्द की

कर्नाटक हाई कोर्ट ने श्रीश्री रविशंकर के खिलाफ दर्ज FIR रद्द की, जानिए क्या है मामला

लेखन गजेंद्र
Mar 25, 2026
03:48 pm

क्या है खबर?

कर्नाटक हाई कोर्ट ने बुधवार को आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के प्रमुख और आध्यात्मिक गुरु श्रीश्री रविशंकर के खिलाफ भूमि कब्जे के मामले में दर्ज FIR को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति एम नागप्रसन्ना ने श्रीश्री रविशंकर की ओर से अपने खिलाफ दायर मामले को रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया है। बता दें, जिस FIR में रविशंकर का नाम है, वह चंद्रशेखरन एन और कुछ अन्य लोगों द्वारा 2023 में दर्ज की गई थी।

मामला

क्या है मामला?

जनहित याचिका में बेंगलुरु दक्षिण तालुक के उत्तराहल्ली होबली के कग्गलीपुरा गांव में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण करके कथित तौर पर निर्मित कुछ ढांचों को ध्वस्त करने की मांग की गई थी। इसमें रविशंकर का नाम भी प्रतिवादियों में शामिल था। उन पर भी भूमि कब्जाने में कथित रूप से शामिल होने का आरोप था। रविशंकर ने याचिका के जवाब में कहा कि उस क्षेत्र में उनकी कोई जमीन नहीं है और उन्हें दुर्भावनापूर्ण इरादों से फंसाया गया है।

याचिका

पिछले साल कोर्ट ने याचिका का कर दिया था निपटारा

बार एंड बेंच के मुताबिक, पिछले साल सितंबर में 2023 की जनहित याचिका को कोर्ट ने यह कहकर बंद कर दिया था कि राज्य किसी भी अतिक्रमणकारी के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करे। इसके बाद बैंगलोर मेट्रोपॉलिटन टास्क फोर्स (BMTF) ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एक FIR दर्ज की, जिसमें कग्गलीपुरा गांव में भूमि अतिक्रमण के आरोपी लोगों में रवि शंकर भी शामिल थे। इसके बाद रविशंकर FIR दर्ज कराने के लिए हाई कोर्ट पहुंचे थे।

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जानकारी

राज्य सरकार ने कहा- गिरफ्तार करने की कोई योजना नहीं

रविशंकर ने कोर्ट को बताया कि जनहित याचिका में राज्य द्वारा दायर ज्ञापन में उनका नाम अतिक्रमणकारियों में नहीं था। राज्य ने याचिका का विरोध किया। उसने कहा कि अतिक्रमण मामले में रविशंकर को गिरफ्तार करने की योजना नहीं है। हालांकि, संदेह पर जांच होगी।

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