NEET संसद हिंसा: सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे जांच, खुलेगी पुलिस ज्यादती और साजिश की परतें
सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश आर सुभाष रेड्डी अब उस 5 सदस्यीय कमेटी की अगुवाई करेंगे, जो पिछले जुलाई संसद में हुए छात्रों के प्रदर्शन की जांच करेगी। यह प्रदर्शन NEET परीक्षा में पेपर लीक के विरोध में हुआ था, लेकिन यह देखते ही देखते हिंसक हो गया। इसमें 200 से ज्यादा प्रदर्शनकारी और लगभग उतने ही पुलिसकर्मी घायल हुए। इसके साथ ही यह आरोप भी लगाए गए हैं कि कुछ बाहरी लोगों ने जानबूझकर माहौल को बिगाड़ा और पुलिस ने भी जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया।
पुलिस बल के दुरुपयोग की जांच करेगा पैनल
यह कमेटी सिर्फ हिंसा की शुरुआत करने वालों की ही जांच नहीं करेगी, बल्कि यह भी देखेगी कि क्या पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल का इस्तेमाल किया, जैसे कि पेलेट गन और आंसू गैस। खासकर महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुए बल प्रयोग की भी जांच होगी। इतना ही नहीं यह कमेटी इस बात की भी समीक्षा करेगी कि क्या BNS की धारा 152 और BNSS की धारा 163 का गलत इस्तेमाल शांतिपूर्ण प्रदर्शनों और लोगों की बोलने की आजादी को कुचलने के लिए किया गया। यह पूरा मामला सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद सामने आया है, क्योंकि कोर्ट ने कहा था कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि प्रभावितों को सही न्याय मिल सके।