
भड़काऊ भाषण से जुड़े मामलों में JNU के पूर्व छात्र शरजील इमाम को जमानत मिली
क्या है खबर?
दिल्ली के उत्तर-पूर्वी इलाके में 2020 में हुए दंगों के दौरान भड़काऊ भाषण देने के मामले में आरोपी शरजील इमाम को दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को जमानत दे दी। शरजिल साढ़े 4 साल बाद जेल से में हैं।
शरजील के खिलाफ राजद्रोह के अलावा गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।
शरजील ने हाई कोर्ट में निजली कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उनको जमानत से इंकार किया गया था।
जमानत
कोर्ट में शरजील ने क्या दी दलील?
शरजील ने कोर्ट में दलील दी कि UAPA की धारा 13 के तहत अगर उनको दोषी ठहराया जाता है तो अधिकतम सजा 7 साल की होगी, जबकि सजा के तौर पर 4 साल जेल में काट चुके हैं।
इसके बाद कोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर की। शरजील की जमानत याचिका को दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने फरवरी में नामंजूर किया था।
जमानत के बाद भी शरजील दिल्ली दंगों के मामलों में आरोपी होने के कारण जेल में रहेंगे।
गिरफ्तार
2020 से हिरासत में हैं शरजील
दिल्ली के जामिया इलाके में नागरिक संशोधन कानून (CAA) के तहत चल रहे प्रदर्शन के दौरान दंगे भड़क गए थे। इस दौरान उनके ऊपर दंगे भड़काने का आरोप लगाया गया था।
दिल्ली पुलिस ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में विभाजनकारी भाषण देने के भी मामले दर्ज किए गए थे।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के पूर्व शोध छात्र शरजील को बिहार के जहानाबाद से जनवरी, 2020 में गिरफ्तार किया गया था।