
झारखंड: जमशेदपुर में छात्रा ने किया आत्मदाह, शिक्षिका पर भरी कक्षा में कपड़े उतरवाने का आरोप
क्या है खबर?
झारखंड के जमशेदपुर में शिक्षिका के भरी कक्षा में उसके कपड़े उतरवाने से शर्मसार हुई एक छात्रा के आत्मदाह करने का मामला सामने आया है।
आरोप है कि शिक्षिका को शक था कि छात्रा परीक्षा में नकल कर रही है, जिस पर उसने छात्रा के कपड़े उतरवा दिए और उसे अन्य तरह से भी परेशान किया।
पीड़ित छात्रा दलित समुदाय से संबंध रखती है, इसलिए कुछ लोगों ने मामले को जातिवाद से भी जोड़ा है।
घटना
छात्रा ने झूठ बोलकर सभी बहनों को घर से बाहर भेजा
पीड़ित छात्रा ऋतु मुखी जमशेदपुर के शारदामणि गर्ल्स हाईस्कूल में पढ़ती है। उसकी बड़ी बहन पूनम मुखी ने बताया कि शुक्रवार को स्कूल से लौटने के बाद ऋतु ने सभी को यह कहकर उनकी बड़ी मां के घर भेज दिया कि वह उन्हें बुला रही हैं।
लेकिन जब पूनम अपनी अन्य दो बहनों के साथ बड़ी मां के घर पहुंचीं तो उन्होंने उन्हें बुलाने से इनकार किया।
इससे पूनम को शक हो गया और वो दौड़ती हुई घर आईं।
घटनाक्रम
वापस लौटने पर आग में जलती हुई मिलीं ऋतु
BBC हिंदी से बात करते हुए पूनम ने कहा कि उन्होंने जैसे ही अपनी गली में कदम रखा, ऋतु चीखती हुई उनकी तरफ आई। उन्होंने कहा कि ऋतु के शरीर से आग की लपटें उठ रही थीं जिसे उन्होंने एक अन्य महिला के साथ मिलकर बुझाने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि अगर उन्हें पता होता कि उनकी बहन पीछे से ऐसा कदम उठा लेगी तो वह कभी भी उसे अकेला छोड़कर नहीं जातीं।
कारण
अस्पताल ले जाते समय ऋतु ने बताया आग लगाने का कारण
पूनम ने कहा कि घटना में ऋतु का शरीर काफी जल गया और अस्पताल ले जाते वक्त उसने आत्मदाह करने की वजह बताई।
उनके अनुसार, ऋतु ने बताया, "आज परीक्षा देते समय शिक्षिका चंद्रा दास को शक हुआ कि मैंने नकल की है। इस पर उन्होंने मुझे बहुत डांटा और मारा। उन्होंने परीक्षा कक्ष के बीच में खड़ा करके भरी कक्षा में मेरे सारे कपड़े उतरवा दिए। उनके ऐसा करने से मुझे बहुत शर्मिंदगी हुई और मैंने ये कदम उठाया।"
आरोप
साथी छात्राओं ने की शिक्षिका पर लगे आरोपों की पुष्टि
BBC ने जब ऋतु की साथी छात्राओं से बात की तो उन्होंने शिक्षिका पर लगे आरोपों की पुष्टि की।
अनीशा साहू ने बताया, "चंद्रा मैम ने जब ऋतु से कपड़े उतरवाए, तब कक्षा में 50 छात्राएं मौजूद थीं। उनमें से अधिकांश ऋतु पर हंसने लगीं। इस वजह से ऋतु बहुत शर्मिंदा थी।"
वहीं मनीषा नायक ने बताया कि शिक्षिका ऋतु को प्रिंसिपल के पास भी लेकर गई और वापस आने पर उसे उत्तर लिखने के लिए कॉपी नहीं दी।
कार्रवाई
आरोपी शिक्षिका गिरफ्तार, जांच के लिए बनाई गई समिति
पुलिस ने आरोपी शिक्षिका चंद्रा दास (50) को गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ IPC की धारा 323, 341 और 509 और POCSO अधिनियम की धारा 12 के तहत सीताराम डेरा थाने में FIR दर्ज की गई है।
जिला शिक्षा अधिकारी निर्मला बरेलिया ने मामले की जांच के लिए एक चार सदस्यीय जांच समिति बनाई है। उन्होंने कहा कि अगर शिक्षिका को दोषी पाया गया तो पुलिस उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी।
इलाज
70 प्रतिशत जला ऋतु का शरीर, प्राइवेट अस्पताल में इलाज जारी
ऋतु का टाटा स्टील के प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा है और जिला प्रशासन इसका खर्च उठा रहा है।
वह बर्न केयर यूनिट में भर्ती है और उसका शरीर 70 प्रतिशत जल चुका है। 40 प्रतिशत से अधिक शरीर जलने पर जान का खतरा होता है।
ऋतु के पिता की 10 साल पहले मौत हो चुकी है और उसकी मां प्राइवेट कंपनी में काम करके घर का खर्च चलाती है। उसकी तीन बहनें और एक भाई है।