झारखंड विधानसभा में मुख्यमंत्री सोरेन का बड़ा ऐलान, कहा- मान ली हैं छात्रों की ज्यादातर मांगें
क्या है खबर?
झारखंड की राजधानी रांची में झारखंड लोकसेवा आयोग (JPSC) और कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर पिछले 18 दिनों से छात्रों का उग्र प्रदर्शन जारी है। सोमवार को मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुए लाठीचार्ज और बढ़ते सियासी घमासान के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विधानसभा में एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों की अधिकांश मांगें मान ली हैं और सरकार सभी परीक्षाओं की जांच के लिए तैयार है।
बयान
मुख्यमंत्री सोरेन ने क्या दिया बयान?
विधानसभा में हंगामे के बीच मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा, "हमने छात्रों की ज्यादातर मांगे मान ली हैं। परीक्षाओं से जुड़ी शिकायतों और JPSC से जुड़े विषयों की गहन समीक्षा की जा रही है। हम सभी परीक्षाओं की जांच करवाने को तैयार हैं। राज्य की परीक्षा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता के साथ सुधार किया जाएगा।"
हालांकि, छात्रों पर हुई पुलिस की कार्रवाई को लेकर काफी हंगामा होने के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया।
हमला
मुख्यमंत्री सोरेन ने विपक्ष पर भी बोला हमला
मुख्यमंत्री सोरेन ने राजनीतिक दलों को भी आड़े हाथों लिया।
उन्होंने विपक्ष को 'परजीवी' बताते हुए कहा, "ये अनेक तरीकों की आड़ में छुपकर बैठे रहते हैं और खुद को जीवित रखने के लिए अलग-अलग चारे का इंतजाम करते हैं। ये आज छात्रों की आड़ में अपनी ताकत का इजहार कर रहे हैं, तो मुझे भी लग रहा है कि थोड़ा बहुत इनमें रस बचा हुआ है। अगले कुछ समय के बाद वो भी खत्म हो जाएगा।"
मंशा
सरकार की मंशा पूरे राज्य को पता है- सोरेन
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा, "JPSC से जुड़े विषय, GDPL के द्वारा ली गई के संदर्भ में CID, CBI तरह-तरह की बात सदन में आ गई है। सरकार की मंशा पूरे राज्य को पता है। सदन के माध्यम से भी बताया गया है, लेकिन विपक्ष राज्य की युवा पीढ़ी के लिए क्या सही है, क्या गलत है, उसको नहीं समझ पाया।"
उन्होंने कहा, "विगत 6-7 सालों में इनके पास कुछ बचा नहीं था। यहां फिर से इनको खाली हाथ रहना होगा।"
ट्विटर पोस्ट
यहां सुने मुख्यमंत्री सोरेन का पूरा बयान
परजीवी भाजपा ने कल भी युवाओं के आंदोलन को अपना राजनीतिक मंच बनाने की कोशिश की।
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 11, 2026
छात्रों की बात...छात्रों के साथ होगी और झारखंड के मेरे युवा साथियों को न्याय मिलकर रहेगा। pic.twitter.com/EnrMekjfNG
संकट
राज्य में बढ़ता सियासी और प्रशासनिक संकट
परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और भ्रष्टाचार को लेकर झारखंड में प्रशासनिक और राजनीतिक सरगर्मियां चरम पर हैं।
हाल ही में CID द्वारा 4 बार की गई कड़ी पूछताछ के बाद JPSC के पूर्व चेयरमैन एल ख्यांगते को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिससे इस आंदोलन को और हवा मिली है।
परीक्षाओं की धांधली में संलिप्त अभय तिवारी जैसे आरोपियों नए खुलासों के बाद राज्य में व्यापक आक्रोश है।
विपक्ष द्वारा 'झारखंड बंद' का आह्वान किया गया है।