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झारखंड में JSSC-CGL 2024 का पेपर भी हुआ था लीक, कथित सरगना अभय तिवारी का खुलासा
झारखंड में JSSC-CGL 2024 पेपर लीक को लेकर कथित सरगना अभय तिवारी का खुलासा

झारखंड में JSSC-CGL 2024 का पेपर भी हुआ था लीक, कथित सरगना अभय तिवारी का खुलासा

लेखन गजेंद्र
Aug 11, 2026
12:26 pm

क्या है खबर?

झारखंड में परीक्षा अनियमितताओं को लेकर हो रहे छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के बीच झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा घोटाले में गिरफ्तार अभय कुमार तिवारी ने बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने अपराध जांच विभाग (CID) को पूछताछ में बताया कि सितंबर 2024 में हुई झारखंड कर्मचारी चयन आयोग-संयुक्त स्नातक स्तरीय JSSC-CGL परीक्षा का पेपर भी लीक हुआ था। उन्होंने बताया कि 15 अभ्यर्थियों से पेपर के बदले में 12-12 लाख रुपये वसूले गए थे।

जांच

पूछताछ में और क्या बताया?

इंडिया टीवी के मुताबिक, पेपर लीक के बाद अभ्यर्थियों को बोकारो ले जाया गया, जहां एक व्यक्ति का घर लेकर वहां अभ्यर्थियों को 65 प्रश्नोत्तर रटवाए गए थे। उस समय 15 अभ्यर्थियों से 1.80 करोड़ रुपये की वसूली हुई थी।

जांच में वेबल कंपनी की भूमिका भी संदिग्ध मिली है, जिसे प्रश्नपत्र की छपाई का काम मिला था।

तिवारी ने बताया कि वह मिथिलेश सिंह और उमाकांत प्रमाणिक के संपर्क में आया था, जो जांच के दायरे में हैं।

परीक्षा

13 साल में पास की 12 परीक्षा, JSSC-CGL परीक्षा भी उत्तीर्ण कर चुका तिवारी

तिवारी ने 13 साल में 12 परीक्षा पास की है। उसने JSSC-CGL परीक्षा में 48वीं रैंक हासिल की थी। अभय के भाई अक्षय और उसकी पत्नी सुषमा का भी चयन हुआ था।

उन्होंने नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड, JSSC स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक परीक्षा, संयुक्त स्नातक स्तरीय परीक्षा, सहायक वन संरक्षक, वन रेंज अधिकारी और खाद्य सुरक्षा अधिकारी की परीक्षाएं उत्तीर्ण की हैं।

तिवारी की नवीनतम सफलता 11वीं झारखंड संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा थी। वह पोड़ैयाहाट में ब्लॉक आपूर्ति अधिकारी (BSO) है।

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पहचान

कौन है अभय तिवारी?

तिवारी BSO बनने से पहले लखनऊ स्थित TRS-डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड के मार्केटिंग मैनेजर थे।

एजेंसी को परीक्षा में अनियमितताओं के आरोप में उत्तर प्रदेश सरकार ने काली सूची में डाला था। BSO के पद पर तैनाती के बाद भी इस कंपनी से जुड़े रहे थे।

उन्होंने अपना उदाहरण बताकर प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता की गारंटी देते हुए उम्मीदवारों से 25-40 लाख रुपये मांगे थे।

उनको 22 जुलाई की रात CID ने गिरफ्तार किया था।

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