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जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के लिए सही जगह नहीं है? सुप्रीम कोर्ट ने मांगा केंद्र से जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर के विरोध प्रदर्शन के लिए उचित जगह होने या न होने के संबंध में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है

जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के लिए सही जगह नहीं है? सुप्रीम कोर्ट ने मांगा केंद्र से जवाब

Aug 03, 2026
03:09 pm

क्या है खबर?

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (3 अगस्त) को केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर दिल्ली के जंतर-मंतर के विकल्प के रूप में किसी अन्य सुरक्षित स्थान को विरोध प्रदर्शन के लिए तलाशने पर जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी मोहना की पीठ ने इसे एक महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए मामले पर विचार करने की सहमति जताई है। कोर्ट ने यह जवाब सतीश चंद कौशिक द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए मांगा है।

तर्क

याचिका में क्या दिया गया है तर्क?

याचिकाकर्ता कौशिक ने तर्क दिया है कि जंतर-मंतर पर होने वाले बड़े प्रदर्शनों के कारण स्थानीय निवासियों को भारी असुविधा होती है और आवश्यक सेवाएं बाधित होती हैं।

उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर को पुराने दौर में सीमित और प्रबंधित प्रदर्शनों के लिए तय किया गया था। आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया के जरिए कुछ ही घंटों में हजारों की भीड़ जुट जाती है, जिनका कोई तय आयोजक या नियंत्रण ढांचा नहीं होता।

जानकारी

याचिकाकर्ता ने दिया इन जगहों का सुझाव

याचिकाकर्ता ने संसद भवन, सेंट्रल विस्टा और अन्य सरकारी प्रतिष्ठानों के बेहद करीब होने के कारण जंतर-मंतर की जगह रामलीला मैदान या किसी अन्य बड़े और सुरक्षित मैदान को मुख्य विरोध स्थल घोषित करने का सुझाव दिया है।

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टिप्पणी

मामले में CJI ने की अहम टिप्पणी

CJI ने कहा, "याचिका में कहा गया है कि आने-जाने की समस्याओं के कारण जंतर-मंतर अब ऐसे विरोध प्रदर्शनों के लिए उपयुक्त स्थान नहीं है। चिकित्सा संबंधी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति आदि... मुझे लगता है यह महत्वपूर्ण है... कृपया निर्देश लें, श्रीमान सॉलिसिटर। नोटिस जारी करें और इसे अलग से सूचीबद्ध करें।"

इस पर सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता ने कहा कि वे इस विषय पर पूरी जानकारी लेकर विस्तृत जवाब कोर्ट के समक्ष पेश करेंगे।

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जिक्र

याचिकाकर्ता ने किया 20 जुलाई की घटना का जिक्र

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल के आगामी मार्च का हवाला देते हुए कोर्ट से अपील की कि दिल्ली में दोबारा '20 जुलाई' जैसी स्थिति पैदा न होने दी जाए।

बता दें कि 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के 'संसद मार्च' के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प व लाठीचार्ज हुआ था।

हालांकि, कोर्ट ने राजनीतिक मार्च पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

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