ईरानी मंत्री अब्बास अराघची ने जयशंकर से चौथी बार बातचीत की, BRICS देशों का सहयोग मांगा
क्या है खबर?
अमेरिका और इजरायल के हमलों के बीच ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने शुक्रवार को एक बार फिर भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर से बात की है। ईरान पर 28 फरवरी को हमले शुरू होने के बाद से यह दोनों नेताओं के बीच चौथी बातचीत है। इस दौरान अराघची ने जयशंकर को हालिया हमलों की जानकारी दी है। अराघची ने इस बात पर भी जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय संगठनों को सैन्य आक्रामकता की निंदा करनी चाहिए।
बातचीत
BRICS देशों से सहयोग की अपील
अराघची और जयशंकर की ओर से सोशल मीडिया पर इस बातचीत की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, दोनों के बीच कई मुद्दों पर चर्चा हुई। अराघची ने आक्रमणकारियों के विरुद्ध आत्मरक्षा के अपने वैध अधिकार का प्रयोग करने के लिए ईरानी सरकार, जनता और सशस्त्र बलों के दृढ़ संकल्प पर बल दिया। अराघची ने बहुपक्षीय सहयोग विकसित करने के लिए BRICS (ब्राजील-रूस-भारत-चीन-दक्षिण अफ्रीका) से सहयोग की अपील करते हुए स्थिरता-सुरक्षा को बढ़ावा देने में रचनात्मक भूमिका निभाने पर जोर दिया।
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इससे पहले शिपिंग मुद्दे को लेकर हुई थी चर्चा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को साप्ताहिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया था कि जयशंकर की अपने ईरानी समकक्ष से 3 बार बातचीत हो चुकी है। पिछली बातचीत में उन्होंने भारत की ऊर्जा सुरक्षा और शिपिंग मुद्दे पर चर्चा की थी। ईरान में अब भी 9,000 भारतीय हैं, जिनको सुरक्षा देने की कोशिश दी जा रही है। दोनों देशों की बातचीत के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय जहाज मुंबई पहुंचा था।