होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकल सकेंगे भारतीय जहाज, ईरानी राजदूत ने पुष्टि की
क्या है खबर?
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद कर दिया है, जिससे दुनियाभर में वैश्विक तेल-गैस संकट पैदा हुआ है। बताया जा रहा था कि ईरान ने सभी देशों के लिए यह संकरा समुद्री मार्ग बंद किया है, लेकिन शुक्रवार को दिल्ली में ईरानी राजदूत मोहम्मद फथाली ने पुष्टि की कि भारत को सुरक्षित मार्ग दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय कुद्दस दिवस के मौके पर कार्यक्रम से निकलते समय फथाली ने पत्रकारों से यह बात कही।
बयान
क्या बोले ईरानी राजदूत?
पत्रकारों ने फथाली से पूछा कि क्या भारत को होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित मार्ग दिया गया है। इस पर फथाली ने कहा, "हां, क्योंकि भारत हमारा दोस्त है। आप इसे दो या तीन घंटों के भीतर देख लेंगे। हमारा मानना है कि इस क्षेत्र में ईरान और भारत के हित साझा हैं। मैं भारत में ईरानी राजदूत होने के नाते कह सकता हूं कि हमें उम्मीद है कि युद्ध के बाद भारत सरकार विभिन्न चरणों में हमारी मदद करे।"
ट्विटर पोस्ट
ईरानी राजदूत का बयान
#WATCH | Delhi: On giving safe passage to India, Iran's Ambassador to India, Mohammad Fathali, says, "... Yes, because India is our friend. You will see it within two or three hours. We believe that Iran and India share common interests in the region..." pic.twitter.com/twTsE1Bjhv
— ANI (@ANI) March 13, 2026
जलमार्ग
भारत के लिए कितना जरूरी है होर्मुज?
युद्ध के चलते ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया है, जिससे अमेरिका नाराज है। यही वजह है कि दुनियाभर में तेल और गैस की कीमतें बढ़ गई हैं। भारत में भी रसोई गैस की किल्लत सामने आने लगी है। भारत अपनी जरूरत के कुल कच्चे तेल का 88 प्रतिशत आयात करता है और इसका एक बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। साथ ही, कुल वैश्विक व्यापार का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज से गुजरता है।