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रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा भारत, आज खत्म हो रही है अमेरिका की विशेष छूट
रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा भारत

रूस से तेल खरीदना जारी रखेगा भारत, आज खत्म हो रही है अमेरिका की विशेष छूट

लेखन गजेंद्र
May 18, 2026
06:50 pm

क्या है खबर?

केंद्र सरकार ने सोमवार को स्पष्ट किया है कि अमेरिकी प्रतिबंध के बावजूद वह रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखेगा। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह पुष्टि की। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वारा प्रतिबंधों में छूट की अवधि से पहले, उसके दौरान और बाद में भारत का रूस से तेल आयात जारी रहा है। उन्होंने कहा कि रूसी तेल आयात पर भारत की सोर्सिंग रणनीति अपरिवर्तित रही है।

बयान

अमेरिका की विशेष छूट 16 मई को खत्म

शर्मा ने कहा, "रूस पर अमेरिकी छूट के संबंध में, मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगी कि हम पहले भी रूस से खरीदारी करते रहे हैं...मेरा मतलब है छूट से पहले भी, छूट के दौरान भी और अब भी।" बता दें कि पश्चिमी एशिया में संघर्ष के बीच ईंधन संकट को देखते हुए अमेरिका ने भारत को 16 मई तक रूस से तेल खरीदने की छूट दी थी। यह अवधि सोमवार को खत्म हो रही है।

चिंता

जहाज मार्गों की चिंताओं को भी खारिज किया

शर्मा ने होर्मुज जलडमरूध्य को लेकर जारी संकट और उससे उभरी चिंताओं के बीच कच्चे तेल की आपूर्ति में किसी प्रकार की कोई कमी न होने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त कच्चे तेल की व्यवस्था पहले ही कई बार की जा चुकी है और छूट मिले या न मिले, इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि देश में पर्याप्त तेल भंडार है और इसकी कोई कमी नहीं है।

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दाम

कच्चे तेल की कीमत आसमान पर

पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास आपूर्ति में व्यवधान के बीच वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें ऊंचाई पर बनी हुई है। सोमवार शाम 4:15 बजे तक कच्चा तेल 0.93 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 110.28 अमेरिकी डॉलर (करीब 10,612 रुपये) प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। भारत तेल की बढ़ती कीमतों, कमजोर होते रुपये के स्तर और मुद्रास्फीति को लेकर चिंता में है। वह अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 85 प्रतिशत आयात करता है।

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आयात

मई में इतना रहेगा रूसी तेल आयात

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, घरेलू मांग में कमी और अमेरिका, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और इराक से कच्चे तेल की तत्काल आपूर्ति के चलते भारतीय रिफाइनर आपूर्ति में बाधा को संभालने में सक्षम होंगे। आंकड़ों के मुताबिक, मई में भारत का रूसी तेल आयात लगभग 19 लाख बैरल प्रति दिन रहने की उम्मीद है, जो अपने उच्चतम स्तर के करीब है। फ्लोटिंग स्टोरेज में रखे रूसी कच्चे तेल की मात्रा वैश्विक स्तर पर 70 लाख बैरल से अधिक हो गई है।

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