Loading...
नेपाल में तबाही के बाद भारत बना मददगार, अब तक भेजी 68 टन आपातकालीन राहत सामग्री
भारत ने नेपाल में अब तक भेजी 68 टन से अधिक राहत सामग्री

नेपाल में तबाही के बाद भारत बना मददगार, अब तक भेजी 68 टन आपातकालीन राहत सामग्री

Aug 30, 2026
07:49 pm

क्या है खबर?

नेपाल और तिब्बत के सीमावर्ती क्षेत्रों में ग्लेशियर फटने के कारण आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है, जिसमें अब तक 750 लोगों की मौत हो चुकी है और 3,000 से अधिक लोग लापता हैं। इस मानवीय संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'पड़ोसी पहले' की नीति के तहत भारत मदद के लिए सबसे पहले आगे आया है। भारत अब तक 4 सैन्य उड़ानों के जरिए 68 टन से अधिक आपातकालीन राहत सामग्री नेपाल पहुंचा चुका है।

प्रयास

भारतीय वायुसेना ने चलाया मिशन 'राहत'

सरकार के प्रयासों की मूर्त रूप देने के लिए भारतीय वायुसेना ने मिशन 'राहत' शुरू किया है।

इसके तहत सबसे पहले 26 अगस्त को वायुसेना के C-130J हरक्यूलिस विमान ने 10 टन राहत सामग्री पहुंचाई, जिसमें तंबू, कंबल, स्वच्छता किट और दवाएं शामिल थीं।

इसके बाद 27 अगस्त को C-17 ग्लोबमास्टर विमान ने 37.5 टन सामग्री पहुंचाई, जिसमें 28.5 टन तंबू, कंबल के साथ वाटर पंप, किचन सेट, जनरेटर, 8 टन दवाएं और 1 टन खाद्य सामग्री शामिल थी।

राहत

भारत ने रविवार को भेजी 11 टन राहत सामग्री

28 अगस्त को C-130J विमान से 10 टन अतिरिक्त सामग्री के साथ-साथ भारतीय सेना की 5 सदस्यीय टनल रेस्क्यू टीम और 6 सदस्यीय मेडिकल टीम को नेपाल भेजा गया।

इसके बाद रविवार (30 अगस्त) की सुबह पहुंची चौथी उड़ान अपने साथ 11 टन सामग्री लेकर रवाना हुई, जिसमें बचाव उपकरणों के साथ तकनीकी टनल टीम और DNA विश्लेषण के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञों की टीम शामिल है।

इससे नेपाल के बचाव अभियान में बड़ी मदद मिल रही है।

ADVERTISEMENT

सड़क मार्ग

भारत ने सड़क मार्ग से भेजे 16 ट्रक

भारत ने नेपाल में बुनियादी ढांचे को तुरंत दुरुस्त करने के लिए सड़क मार्ग का भी इस्तेमाल किया है।

इसमें 16 ट्रकों का एक बड़ा काफिला नेपाल भेजा है, जिसमें 230 फीट लंबा सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज बनाने के लिए आवश्यक उपकरण और सामग्री मौजूद है, ताकि बाढ़ में बहे मुख्य रास्तों को दोबारा जोड़ा जा सके।

भारत ने नकद सहायता राशि की घोषणा की जगह सीधे जमीनी स्तर पर काम आने वाली शारीरिक सामग्री की आपूर्ति की है।

ADVERTISEMENT

सहायता

इन देशों ने भी की सहायता की घोषणा

चीन ने 5 टनल विशेषज्ञों के साथ 2 Y-20 विमानों से 50 टन सामग्री पहुंचाई है। हालांकि, नेपाल ने चीन की बचाव टीम को लेने से मना कर दिया।

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने 1 करोड़ डॉलर (95.38 करोड़ रुपये) और ब्रिटेन ने 50 लाख पाउंड (64.60 करोड़ रुपये) की वित्तीय मदद की प्रतिबद्धता जताई है।

ऑस्ट्रेलिया ने 50 लाख डॉलर (48 करोड़ रुपये) और अमेरिका ने 36 लाख डॉलर (34.33 करोड़ रुपये) की सहायता की घोषणा की है।

जानकारी

विश्व बैंक ने दिया 2,500 करोड़ रुपये की सहायता राशि का भरोसा

नेपाल में बिगड़े हालातों को देखते हुए विश्व बैंक ने राहत और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए 25 अरब रुपये (लगभग 163.6 मिलियन डॉलर) तक की आपातकालीन सहायता राशि जुटाने का भरोसा दिया है। इससे काफी मदद मिलेगी।

ADVERTISEMENT