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भारत का अरुणाचल प्रदेश के मानचित्रण विवाद पर चीन को करारा जवाब, जानिए क्या कहा
भारत ने अरुणाचल प्रदेश के मानचित्रण विवाद पर चीन को करारा जवाब दिया है

भारत का अरुणाचल प्रदेश के मानचित्रण विवाद पर चीन को करारा जवाब, जानिए क्या कहा

Aug 11, 2026
07:56 pm

क्या है खबर?

भारतीय विदेश मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों के नामकरण पर चीन द्वारा की गई तीखी आलोचना का करारा जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अटूट और अभिन्न अंग है। यह एक स्वतः सिद्ध सत्य है और कोई भी इस वास्तविकता को बदल नहीं सकता है। इससे पहले चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने भारत के कदम को अवैध और अमान्य बताया था।

बयान

विदेश मंत्रालय ने चीन की प्रतिक्रिया का क्या दिया जवाब?

जायसवाल ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "अरुणाचल प्रदेश भारत का एक अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है और यह एक ऐसा तथ्य है जो स्वतः स्पष्ट (स्वयंसिद्ध) है। इसके साथ ही, मैं यह भी रेखांकित कर दूं कि कोई भी चीज इस निर्विवाद वास्तविकता को बदल नहीं सकती है।"

इस दौरान उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि चीन द्वारा इस तरह के बयानों या विरोधों से जमीनी सच्चाई पर कोई फर्क नहीं पड़ने वाला है।

कदम

भारत के कदम को माना जा रहा जवाबी कूटनीति

भारत द्वारा अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों के आधिकारिक नाम तय करने के कदम को चीन द्वारा इस क्षेत्र के स्थानों के नाम मनमाने ढंग से बदलने के जवाब के रूप में देखा जा रहा है।

भारत की सूची में जसवंत गढ़, कामलांग नगर, सुनपुरा, प्रीतनगर और 'लोंगजू' शामिल हैं। लोंगजू एक ऐसा सीमावर्ती गांव है जो 1959 से चीनी के नियंत्रण में है।

एक अधिकारी ने कहा कि इस कदम से इन क्षेत्रों पर भारत का दावा मजबूत होगा।

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विवाद

चीन की तिलमिलाहट और सीमा विवाद

चीन ने भारत के इस कदम को आत्म-धोखा (सेल्फ-डिसेप्शन) बताते हुए कहा कि इससे सीमा विवाद और अधिक उलझ सकता है।

चीनी प्रवक्ता जियाकुन ने कहा, "चीन अरुणाचल प्रदेश को भारत के हिस्से के रूप में मान्यता नहीं देता है।"

सिंघुआ विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय रणनीति संस्थान के शोध विभाग के निदेशक कियान फेंग ने चेतावनी दी है कि भारत की ऐसी कार्रवाइयां दोनों देशों के बीच सुधरते राजनीतिक और कूटनीतिक संबंधों को प्रभावित कर सकती हैं।

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पृष्ठभूमि

चीन ने 112 स्थानों के लिए मानकीकृत नाम निर्धारित किए

चीन लंबे समय से अरुणाचल प्रदेश के लगभग 90,000 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र पर अपना दावा ठोकता रहा है।

वह समय-समय पर इस राज्य के स्थानों के लिए अपने काल्पनिक नाम जारी करता रहा है, जिसकी शुरुआत उसने 2017 में 6 नामों के साथ की थी।

इसके बाद उसने 2021 में 15 और 2023 में 11 नाम जारी किए। साल 2017 से अब तक चीन इस क्षेत्र के 112 स्थानों के नामों का अपने स्तर पर मानकीकरण कर चुका है।

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