अरुणाचल के हर कोने को भारत ने नक्शे में उतारा, चीन की हर चाल का दिया करारा जवाब
भारत ने अरुणाचल प्रदेश का अपना आधिकारिक नक्शा अपडेट किया है। इसमें चीन के साथ लगी तनावपूर्ण सीमा पर मौजूद कई खास जगहों को दर्शाया गया है। खास बात ये है कि इस नक्शे में लॉन्गजू गांव को भी शामिल किया गया है, जो भारत का हिस्सा है लेकिन 1959 से चीन के कब्जे में है।
इसके अलावा, उन इलाकों को भी दर्शाया गया है जहां 2020 के संघर्ष के बाद से चीनी सेना की गतिविधियां बढ़ी हैं।
नक्शा दर्रों और स्मारकों को दर्शाता है
नए नक्शे में थाग ला दर्रा (जो 1962 के युद्ध में एक अहम मोर्चा था), शेर-ए-थापा और जसवंत गढ़ जैसे मशहूर युद्ध स्मारक, और कई दूसरे पहाड़ी दर्रे भी शामिल हैं। पहले ये जगहें सिर्फ फौजी नक्शों पर ही चिह्नित थीं, लेकिन अब इन्हें आम जनता के लिए भी सार्वजनिक किया गया है ताकि लोगों में देश की सरहदों और इतिहास के प्रति जागरूकता बढ़े।
भारत का यह कदम चीन की लगातार उन कोशिशों का जवाब है जिसमें वह अरुणाचल प्रदेश में जगहों के नाम बदलने की कोशिश करता रहा है। भारत ने इस बात को पूरी तरह नकारा है और हमेशा से इस इलाके को भारत का अभिन्न अंग बताया है।