भारत की जनगणना में डिजिटल क्रांति: 1.44 करोड़ से अधिक घरों ने खुद किया ऑनलाइन पंजीयन
भारत की 2027 की जनगणना इस बार एक नए अंदाज में हो रही है। इसमें पहली बार नागरिकों को अपने घर की जानकारी ऑनलाइन भरने की सुविधा मिली है। यह स्व-गणना पोर्टल रविवार, 17 मई, 2026 को लॉन्च किया गया था, और लॉन्च होते ही 25 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 1.44 करोड़ से ज्यादा घरों ने इसमें अपना रजिस्ट्रेशन करा लिया है। वहीं, राजस्थान, महाराष्ट्र और दिल्ली के राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में आने वाले MCD इलाकों में अभी भी पुराने तरीके से घर-घर जाकर जनगणना का काम जारी है।
जनगणना के लिए 11,718.24 करोड़ रुपये का फंड
यह जनगणना कई मायनों में खास है। यह देश की 16वीं जनगणना है और आजादी के बाद की यह 8वीं जनगणना है, जो 2027 की शुरुआत तक 2 चरणों में पूरी की जाएगी। इस पर 11,718.24 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही, सर्वे करने वालों के लिए मोबाइल ऐप जैसे नए तकनीकी साधन इस्तेमाल किए जाएंगे। इस जनगणना से मिलने वाली सारी जानकारी भविष्य की नीतियां बनाने में काम आएगी। ये नीतियां शहर की योजना से लेकर कल्याणकारी कार्यक्रमों तक, हर चीज पर सीधा असर डालेंगी।