भारत ने फ्रांस के साथ FCAS परियोजना पर साझेदारी की जताई इच्छा, जानिए क्या होगा फायदा
भारत ने फ्रांस के साथ फ्यूचर कॉम्बैट एयर सिस्टम (FCAS) परियोजना पर साझेदारी करने को इच्छा जताई है। यह फ्रांस की अगुवाई वाला छठी पीढ़ी का एक ऐसा कार्यक्रम है, जिसमें जर्मनी और स्पेन भी हिस्सेदार हैं। रक्षा मंत्रालय ने संसद में यह जानकारी दी। अब एक संसदीय समिति इस बारे में और अधिक जानकारी के साथ-साथ इसकी समय-सीमा भी जानना चाहती है। भारत का यह कदम उसकी उस इच्छा को दर्शाता है कि वह रक्षा तकनीक में तो आगे रहे ही, साथ ही अपना खुद का 5वीं पीढ़ी का एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (AMCA) भी तैयार कर सके।
भारत AMCA बनाने के साथ उठा रहा FCAS का फायदा
भारत की रणनीति साफ है। एक तरफ वह देश में AMCA पर काम कर रहा है, वहीं दूसरी ओर FCAS के जरिए AI, ड्रोन्स और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर जैसी आधुनिक तकनीकों तक पहुंच बना रहा है। इन उन्नत विमानों को बनाना बहुत बड़े संसाधन और गहरी विशेषज्ञता मांगता है। इसलिए, फ्रांस के साथ मिलकर काम करने से भारत अपनी भविष्य की हवाई युद्ध क्षमताओं को तेजी से विकसित कर सकता है।