भारत ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के एक किलोमीटर दायरे में स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं पर लगाया प्रतिबंध
केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के एक किलोमीटर के दायरे में सोलर, विंड और हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स पर पाबंदी लगा दी है। इसमें नियंत्रण रेखा (LoC) और वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) वाले इलाके भी शामिल हैं।
दरअसल, सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए यह फैसला लिया गया है, क्योंकि अब तक कई डेवलपर्स इन संवेदनशील इलाकों में प्रोजेक्ट्स लगाना चाहते थे। अब सीमा से एक से 20 किलोमीटर के दायरे में किसी भी प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए रक्षा मंत्रालय से विशेष अनुमति लेनी होगी। साथ ही, सीमा से 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले किसी भी प्रोजेक्ट के लिए गृह मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
डेवलपर्स पर सीमा सुरक्षा उपाय लागू
नए नियमों के मुताबिक, डेवलपर्स को अब एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाना होगा और इसका पूरा खर्च भी खुद ही उठाना पड़ेगा। इसके अलावा, सड़कों का डिजाइन ऐसा होना चाहिए जिसे जरूरत पड़ने पर सेना भी इस्तेमाल कर सके।
यदि कोई डेवलपर पाकिस्तान, चीन या बांग्लादेश से कामगारों को काम पर रखना चाहता है, तो उसे पहले गृह मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी। सीमा से दूरी के आधार पर इमारतों की ऊंचाई भी सीमित कर दी गई है।
साथ ही, ऐसे संवेदनशील इलाकों में होटल, आवास या दूसरी ऐसी जगहें बनाने से बचने को कहा गया है जहां भीड़ जमा हो सकती है। हालांकि, जो प्रोजेक्ट्स पहले से ही गृह मंत्रालय या रक्षा मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी ले चुके हैं, उन्हें दोबारा आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।