भारत हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए बना रहा खुद का सिग्नलिंग सिस्टम, नाम होगा- भारत ट्रेन कंट्रोल सिस्टम
भारत अपनी हाई-स्पीड ट्रेनों के लिए अपनी खुद की सिग्नलिंग तकनीक बना रहा है, जिसका नाम 'भारत ट्रेन कंट्रोल सिस्टम' (BTCS) रखा गया है। यह तकनीक ओपन-सोर्स है और सस्ती भी है, जो भविष्य में बनने वाली करीब 7,000 किलोमीटर की बुलेट ट्रेन लाइनों पर इस्तेमाल होगी। इस सिस्टम का मुख्य लक्ष्य विदेशी तकनीक पर अपनी निर्भरता कम करना और यात्रियों के लिए ट्रेनों का सफर ज़्यादा सुरक्षित बनाना है।
BTCS मुंबई-अहमदाबाद अनुभव पर आधारित
BTCS को मुंबई-अहमदाबाद लाइन के अनुभव से काफी कुछ सीखने को मिला है। इस लाइन पर अभी यूरोपीय तकनीक का इस्तेमाल होता है, जो 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली ट्रेनों को भी आसानी से चला सकती है। उम्मीद है कि नए रेल मार्गों से जुड़ी योजनाएं 2027 के मध्य तक तैयार हो जाएंगी।
जापान इस बात से भले ही नाराज हो कि भारत उनके खास सिस्टम को नहीं अपना रहा है, लेकिन इंडस्ट्री से जुड़े जानकारों का मानना है कि उनकी मौजूदा ट्रेनें ओपन स्टैंडर्ड्स की वजह से कई सप्लायर्स के पुर्जों के साथ काम कर पाती हैं। भविष्य में BTCS को दूसरे देशों में भी निर्यात किया जा सकता है, जिससे भारत की बढ़ती रेल तकनीक की क्षमता पूरी दुनिया देख पाएगी।