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पिछले 7 साल में 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधी भारत लाए गए वापस
पिछले 7 साल में 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधी लाए गए वापस

पिछले 7 साल में 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधी भारत लाए गए वापस

लेखन गजेंद्र
Aug 04, 2026
05:34 pm

क्या है खबर?

केंद्र सरकार ने मंगलवार को बताया कि पिछले करीब साढ़े 7 सालों में 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को भारत वापस लाया गया है, जिसमें हिंसक अपराधों में शामिल अपराधी ज्यादा हैं। यह कार्रवाई 2018 में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम लागू होने के बाद तेज हुई है। केंद्र ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में भगोड़ों को वापस लाने के लिए एक एकीकृत, खुफिया-आधारित और प्रौद्योगिकी-संचालित मॉडल विकसित किया गया है।

अपराध

कुल 110 प्रत्यर्पण अनुरोध पड़े थे लंबित

गृह मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि 2014 से पहले, देश का प्रत्यर्पण ढांचा पुराना पड़ चुका था और भारत के केवल 37 देशों के साथ ही प्रत्यर्पण समझौते थे।

साथ ही, आर्थिक भगोड़ों से निपटने या उनकी संपत्ति जब्त करने के लिए कोई विशेष कानून भी नहीं था।

मंत्रालय के मुताबिक, वर्ष 2004 से 2013 के बीच, भारत औसतन प्रति वर्ष केवल 4 भगोड़ों का प्रत्यर्पण करवा पाया था, जबकि 110 प्रत्यर्पण अनुरोध लंबित थे।

अपराध

किस अपराध के कितने भगोड़े लाए गए वापस?

मंत्रालय के मुताबिक, 2019 से 2026 (जुलाई तक) के बीच धोखाधड़ी और वित्तीय अपराध से जुड़े कुल 9 भगोड़े, आतंकवादी गतिविधि और नशीले पदार्थों से संबंधित आतंकवाद के मामले में 17 भगोड़े, संगठित अपराध और जबरन वसूली के मामले में 42 भगोड़े, हत्या-लूटपाट के मामले में 62 भगोड़े, यौन अपराध-बलात्कार और POCSO से जुड़े 53 भगोड़े, नशीले पदार्थ की तस्करी में 16 और मानव तस्करी और अपराध के मामले में 18 भगोड़े वापस लाए गए हैं।

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जांच

रेड कॉर्नर नोटिस में भी बढ़ोतरी

मंत्रालय ने बताया कि इंटरपोल द्वारा जारी रेड कॉर्नर नोटिसों में भी बढ़ोतरी हुई है। 2022 में 40, 2023 में 100, 2024 में 107, 2025 में 112 और 2026 में 182 रेड कॉर्नर नोटिस जारी हुए हैं।

धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के जरिए 2019-2026 के बीच भगोड़ों की 17,874 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त हुई है।

हालांकि, अभी चर्चित आर्थिक अपराध वाले विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, सौरभ चंद्राकर, रवि उप्पल समेत अन्य गिरफ्त से बाहर हैं।

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