भारत और न्यूजीलैंड आज करेंगे मुक्त व्यापार समझौता, एक पीढ़ी में एक-बार होने वाला समझौता बताया
क्या है खबर?
भारत और न्यूजीलैंड के बीच सोमवार को मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर होंगे, जिसको लेकर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन का बयान आया है। उन्होंने इसे 'एक पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता' बताते हुए कहा कि इससे कीवी निर्यातकों के लिए दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक तक पहुंच खुल जाएगी। उन्होंने एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किया है, जिसमें FTA से होने वाले फायदों को बताया गया है।
बयान
क्या बोले लक्सन?
लक्सन ने एक्स पर लिखा, 'ठीक एक साल पहले, मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिला था। तब हम इस बात पर सहमत हुए थे कि हम एक मुक्त व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू करेंगे। कई लोगों ने कहाकि ऐसा करना मुमकिन नहीं है। लेकिन आज रात, उस समझौते पर हस्ताक्षर हो रहे हैं।' उन्होंने लिखा, 'यह एक ऐसी पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता है, जो न्यूजीलैंड के निर्यातकों को 140 करोड लोगों तक अभूतपूर्व पहुंच प्रदान करता है।'
समझौता
सबसे तेज होने वाला समझौता
भारत की ओर से केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में बहुप्रतीक्षित FTA पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर करेंगे। यह समझौता 16 मार्च, 2025 को शुरू हुआ और 22 दिसंबर, 2025 को पूरा हो गया, जिससे यह भारत के सबसे तेजी से हुए व्यापार समझौतों में एक बना है। हस्ताक्षर के बाद समझौते को 2026 के अंत तक लागू किया जा सकता है।
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समझौते में क्या है?
समझौते के तहत, भारत के सभी 8,284 निर्यात उत्पादों को लागू होने के पहले दिन से ही न्यूजीलैंड के बाजार में शुल्क-मुक्त प्रवेश मिलेगा। इससे पहले, भारतीय वस्तुओं पर औसतन 2.2 प्रतिशथ का शुल्क लगता था, जबकि वस्त्र, चीनी मिट्टी के बर्तन और ऑटोमोबाइल जैसी कुछ श्रेणियों पर 10 प्रतिशत तक का शुल्क लगता था। भरत ने भी न्यूजीलैंड से द्विपक्षीय आयात के 95 प्रतिशत हिस्से को कवर कर अपनी 70.03 प्रतिशत टैरिफ लाइनों पर छूट की पेशकश की है।