थाली पर मंडराता खतरा: 2026 में 47 प्रतिशत महंगा हुआ चावल
साल 2026 में खाने-पीने की चीजों के दाम काफी बढ़ गए हैं। इनमें चावल की कीमत में तो 47 प्रतिशत का बड़ा उछाल आया है। खराब मौसम, व्यापार पर लगी पाबंदियों और सप्लाई चेन में आई दिक्कतों की वजह से गेहूं और कपास भी महंगे हो गए हैं। इन सब बातों से लोगों की चिंता बढ़ गई है कि खाने-पीने की चीजों पर होने वाला खर्च अभी इतनी जल्दी कम होने वाला नहीं है।
अब नीनो का सूखा खाने की सुरक्षा के लिए खतरा
अल नीनो ने एशिया और दक्षिण अमेरिका के कई मुख्य खेती वाले इलाकों को सूखा दिया है, जिससे फसलों की पैदावार कम हो गई है। वहीं, भारत जैसे देश अपनी जरूरत पूरी करने के लिए अनाज के निर्यात पर रोक लगा रहे हैं। यूक्रेन में चल रही जंग की वजह से भी गेहूं का निर्यात ठीक से नहीं हो पा रहा है। साथ ही मक्के जैसी कई फसलों का इस्तेमाल खाने की बजाय अब ईंधन बनाने में ज्यादा होने लगा है। इन सब बातों को देखते हुए विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर जल्द ही कुछ नहीं बदला, तो महंगे खाने का ये दौर लंबा खिंच सकता है और दुनिया भर में खाने की कमी का खतरा बढ़ सकता है।