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मानसून की दिल्ली से वापसी शुरू, 2002 के बाद इस साल जल्दी रवानगी
मानसून की दिल्ली से वापसी शुरू, 2002 के बाद इस साल जल्दी रवानगी

मानसून की दिल्ली से वापसी शुरू, 2002 के बाद इस साल जल्दी रवानगी

लेखन गजेंद्र
Sep 23, 2026
02:45 pm

क्या है खबर?

दिल्ली से दक्षिण पश्चिम मानसून ने अपनी वापसी शुरू कर दी है। वह बुधवार 23 सितम्बर से लौट रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बताया कि इस साल दिल्ली का मानसून 2002 के बाद सबसे जल्दी लौटा है, जबकि उस साल मानसून 20 सितम्बर को वापस लौटा था। मानसून के वापस लौटने के साथ ही दिल्ली और आसपास के इलाकों में मौसम धीरे-धीरे शुष्क होने की संभावना है। हालांकि, रात में राहत बनी रहेगी।

मौसम 

इन प्रदेशों से भी लौटने लगा मानसून 

दिल्ली के साथ-साथ मानसून पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों से भी वापसी कर रहा है।

IMD के मुताबिक, मानसून की वापसी रेखबाब पंजाब के गुरदासपुर, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, राजस्थान के उदयपुर और गुजरात के नालिया से होकर गुजरती है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वापसी में बारिश की संभावना कम है, लेकिन हवा राहत देगी।

दिन ने तेज गर्मी हो सकती है, लेकिन रात में मौसम ठंडा होना शुरू होगा।

मानसून 

मानसून की वापसी का क्या मतलब है?

मानसून की वापसी से मतलब यह नहीं है कि हर जगह बारिश तुरंत रुक जाएगी, बल्कि यह कई मौसम की स्थितियों को ध्यान में रखकर घोषणा की जाती है।

यह घोषणा करते समय बारिश में रुकावट, नमी के स्तर में गिरावट और निचले वायुमंडल में प्रतिचक्रवात का विकास देखा जाता है।

मानसून आमतौर पर सितम्बर में उत्तर पश्चिम भारत से पीछे हटता है और धीरे-धीरे दक्षिण और पूर्व की तरफ बढ़ता है।

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बारिश 

15 अक्टूबर तक देश से लौट जाता है मानसून

IMD के मुताबिक, उत्तर पश्चिम भारत से मानसून आमतौर पर 17 सितंबर से लौटना शुरू होता है और पूरे देश से यह 15 अक्टूबर तक लौट जाता है।

हालांकि, दक्षिण प्रायद्वीप में वापस लौटने में अधिक समय लेता है। हालांकि, इस बीच कुछ इलाकों में छिटपुट बारिश होती रहती है।

बता दें कि दिल्ली में मानसून 2013 में 17 अक्टूबर को लौटा था, 2016 में 8 अक्टूबर और 2024 में 2 अक्टूबर को लौटा था।

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प्रदूषण 

दिल्ली में बढ़ने लगा प्रदूषण 

दिल्ली में जैसे-जैसे बारिश कम हो रही है और मौसम शुष्क हो रहा है, वैसे-वैसे प्रदूषण भी बढ़ रहा है।

आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक, 19 सितम्बर को शहर का 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 118 से बढ़कर 160 हो गया है। यह 22 सितम्बर को 178 दर्ज किया गया।

दिवाली के साथ ही दिल्ली में AQI का स्तर बिगड़कर खराब से बेहद खराब और गंभीर तक पहुंच जाता है।

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