अगस्त में भी दिखेगा अल नीनो का मध्यम असर, सामान्य से कम बारिश होने की संभावना
क्या है खबर?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पहले अनुमान जताया था कि इस बार मानसून पर अल नीनो का असर रहेगा और बारिश कम होगी। हालांकि, जुलाई में हुई सामान्य बारिश ने इस अनुमान को आश्चर्यचकित रूप से थोड़ा बदला है। अब अगस्त के लिए भविष्यवाणी करते हुए IMD ने बताया है कि इस महीने भी अल नीनो का मध्यम असर दिखेगा और पूरे देश में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। अगस्त के पहले हफ्ते में बारिश ठीक-ठाक रहेगी।
मानसून
मानसून डिप्रेशन ने अल नीनो का असर कम किया
IMD ने शुक्रवार को अपना नवीनतम मासिक और मौसमी पूर्वानुमान जारी कर बताया कि अगस्त के दौरान भारत में औसत वर्षा दीर्घकालिक औसत (LPA) के 94 प्रतिशत से कम रहने की संभावना है।
बताया जा रहा है कि मानसून सामान्य रहने का मुख्य कारण कई निम्न दबाव प्रणालियों और मानसून डिप्रेशन का प्रभाव है, जिन्होंने अल नीनो के घातक प्रभाव को कम कर दिया है।
1971-2020 के जलवायु विज्ञान के आधार पर अगस्त में सामान्य वर्षा 254.9 मिमी है।
बारिश
इन हिस्सों में होगी अधिक बारिश
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगस्त में देश के अधिकतर हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होगी, लेकिन उत्तर-पश्चिम भारत, उत्तर-पूर्व भारत, पूर्व-मध्य भारत और पूर्वी प्रायद्वीपीय क्षेत्र के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक बारिश हो सकती है।
अनुमान है कि मानसून के दूसरे भाग (अगस्त-सितंबर को मिलाकर) में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है, जो दीर्घकालिक औसत के 94 प्रतिशत से भी कम रहेगी।
मानसून के दूसरे भाग में सामान्य वर्षा 422.8 मिमी होती है।
अल नीनो
अल नीनो क्या है?
अल नीनो एक तरह की मौसमी घटना है, जिसमें मध्य और पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में समुद्री सतह का पानी सामान्य से अधिक गर्म होने लगता है।
इसके कारण पूर्व से पश्चिम की ओर बहने वाली हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं और गर्म पानी पूर्व यानी अमेरिका के पश्चिमी तट की ओर जाने लगता है।
आमतौर पर ये 2 से 7 साल तक के अनियमित अंतराल पर होता है।