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होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकाबंदी के बाद भी भारतीय बंदरगाह पहुंच रहे तेल-गैस टैंकर, जानिए कैसे
होर्मुज जलडमरूमध्य पर कई जहाज अब भी खड़े हैं (प्रतीकात्मक तस्वीर)

होर्मुज जलडमरूमध्य पर नाकाबंदी के बाद भी भारतीय बंदरगाह पहुंच रहे तेल-गैस टैंकर, जानिए कैसे

लेखन गजेंद्र
Apr 28, 2026
02:43 pm

क्या है खबर?

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बरकरार है। ईरान ने अपने बंदरगाहों से अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाने और समझौता होने तक होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने से इनकार कर दिया है। वहीं, ओमान की खाड़ी में तैनात अमेरिकी नौसेना यातायात की निगरानी और उसे प्रतिबंधित कर रही है, लेकिन नाकाबंदी को कारगर बनाने में सक्षम नहीं हो पाई है। अब भी कई दर्जन टैंकर बिना रोक-टोक के निकल रहे हैं। यह कैसे संभव हो रहा है? आइए जानते हैं।

यातायात

अभी 14 भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में मौजूद

हाल में 2 भारतीय जहाज जग अर्नव और सनमार हेराल्ड ने इस तनावपूर्ण जलमार्ग पर ईरानी गोलीबारी की चपेट में आ गए थे, लेकिन देश गरिमा ने उसी दिन जलडमरूमध्य पार किया और पिछले बुधवार को मुंबई पहुंच गया। इस टैंकर में कतर के रास लाफान से 97,000 मीट्रिक टन कच्चा तेल भरा था। देश गरिमा के अलावा 30 से अधिक अन्य टैंकर भी होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर चुके हैं। अभी 14 भारतीय जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में मौजूद हैं।

मार्ग

किन मार्गों के उपयोग की संभावना

कई पर्यवेक्षकों ने एक ऐसे मार्ग की ओर भी इशारा किया है जो जहाजों को ईरान के खारग द्वीप से सीधे मुंबई तक जाने की अनुमति दे सकता है। संभावित मार्ग बाजार विश्लेषण फर्म बियान्को रिसर्च के अध्यक्ष जिम बियान्को और कुछ दिन बाद बिजनेस इन्फ्लुएंसर मारियो नौफल ने सुझाया है। दोनों के मुताबिक, जहाज ईरान के क्षेत्रीय जलक्षेत्र के करीब से गुजर सकते हैं और नाकाबंदी को पार करने से पहले पाकिस्तानी जलक्षेत्र में प्रवेश कर सकते हैं।

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मार्ग

क्या ये मार्ग यातायात के लिए बेहतर हैं?

अगर टैंकर खारग द्वीप पर लोड हो तो उपलब्ध 2 मार्गों के आधार पर फारस और ओमान की खाड़ी से होते हुए बढ़ सकता है। खारग पर ईरान का 90 प्रतिशत कच्चे तेल का निर्यात होता है। यह मार्ग पाकिस्तान के लंबे मकरान तट के समानांतर चलता है। इससे जहाज बिना अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में जाए पाकिस्तानी जलक्षेत्र में जा सकते हैं। इसके अलावा, चाबहार बंदरगाह पहुंचने पर दक्षिण की ओर मुड़कर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में प्रवेश कर भारत जा सकता है।

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संभावना

क्या पाकिस्तानी जलक्षेत्र से गुजरना होगा संभव?

फारस की खाड़ी से भारत जाने के 2 रास्ते हैं, लेकिन भारतीय जहाजों को पाकिस्तानी जलक्षेत्र में प्रवेश की अनुमति मुश्किल है। संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) के तहत, प्रत्येक तटीय राष्ट्र 12 समुद्री मील के प्रादेशिक जलक्षेत्र पर नियंत्रण रखता है और विदेशी व्यापारिक जहाजों को आवागमन अधिकार प्राप्त है। विशेषज्ञों के मुताबिक, पाकिस्तानी व्यापारिक जहाजों को भारतीय और भारतीय जहाजों को पाकिस्तानी जलक्षेत्र से गुजरने पर कोई प्रतिबंध नहीं, लेकिन उन्हें संबंधित देश से अनुमति लेनी पड़ेगी।

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