उत्तर प्रदेश में आयुष्मान कार्ड कैसे सुधार रहा लोगों की सेहत? इन बीमारियों का मुफ्त इलाज
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन-आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत आयुष्मान कार्ड योजना प्रदेश की सबसे बड़ी सरकारी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना है। इसके तहत प्रदेश में 5.38 करोड़ लोगों को कार्ड जारी हो चुके हैं। योजना के तहत हर पात्र परिवार और 70 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों को हर साल 5-5 लाख रुपये का नकद रहित (कैशलेस) इलाज मिलता है। कार्ड में कितनी बीमारियां कवर हैं और कौन इसके पात्र हैं? आइए, जानते हैं।
योजना
सितंबर 2018 में शुरू हुई थी योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सितंबर 2018 में शुभारंभ के बाद ही उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व मे योजना लागू कर दी गई।
तब से अब तक 87 प्रतिशत पात्र परिवारों में कम से कम एक सदस्य का कार्ड बन चुका है।
योजना केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए थी, लेकिन अक्टूबर 2024 में, इसे 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी के लिए लागू कर दिया गया, जिससे सभी बुजुर्ग इसके पात्र बन गए।
बीमारियां
कौन-कौन सी बीमारियां कवर करता है कार्ड?
आयुष्मान कार्ड में राष्ट्रीय स्वास्थ्य लाभ पैकेज (HBP) के तहत लाभार्थियों के लिए 27 मेडिकल स्पेशियलिटी में 1,949 उपचार पैकेज शामिल है।
इससे कैंसर (कीमो-रेडिएशन-सर्जरी), हृदय रोग, किडनी (डायलिसिस-ट्रांसप्लांट), न्यूरोसर्जरी, ऑर्थोपेडिक सर्जरी, सामान्य सर्जरी, लीवर, सांस संबंधी, डायबिटीज, यूरोलॉजी, स्ट्रोक, बर्न्स, बच्चों की गंभीर बीमारियां, स्त्री एवं प्रसूति रोगों की कुछ प्रक्रियाएं, ICU से संबंधित उपचार आदि शामिल हैं।
इसमें अस्पताल में भर्ती और निर्धारित पैकेज के अंतर्गत आने वाला उपचार ही योजना के अनुसार कैशलेस होता है।
नकद
नकद रहित का क्या मतलब है?
योजना के तहत नकद रहित इलाज का मतलब है कि अस्पताल में भर्ती के समय लाभार्थी मरीज को अपनी जेब से एक रूपया भी नहीं देना होता है।
इसमें उपचार की लागत के अलावा पैकेज के अनुसार दवाएं, जांच, भोजन, डॉक्टर-सर्जन शुल्क, कमरे और ICU आदि सुविधा निशुल्क मिलती है।
कार्ड धारक को भर्ती से 3 दिन पहले तक के संबंधित खर्च और अस्पताल से छुट्टी के बाद 15 दिन तक के संबंधित खर्च भी मिलता है।
नियम
क्या आयुष्मान कार्ड से किसी भी अस्पताल में इलाज करा सकते हैं मरीज?
आयुष्मान कार्ड धारक सिर्फ उसी अस्पताल में इलाज करा सकते हैं, जो इस योजना से जुड़े हैं। देश में 36,229 निजी और सरकारी अस्पताल योजना से जुड़े हैं।
उत्तर प्रदेश में 6,468 अस्पताल इससे जुड़े हुए हैं, जिसमें 2,921 सरकारी और 3,088 निजी अस्पताल हैं। ये देश में सबसे अधिक हैं।
किसी भी अस्पताल में जाने से पहले उत्तर प्रदेश की आधिकारिक SACHIS वेबसाइट पर राज्य की और NHA पोर्टल पर देशभर के जुड़े अस्पतालों की सूची देख सकते हैं।
योजना
क्या दूसरे राज्य में भी मिलता है इलाज?
आयुष्मान कार्ड धारक को भारत के किसी भी राज्य में इलाज मिल सकता है, लेकिन अस्पताल का योजना से जुड़ा होना चाहिए।
उदाहरण के लिए उत्तर प्रदेश का मरीज दिल्ली या राजस्थान या किसी भी अन्य प्रदेश में जाकर अपना नकद रहित इलाज करा सकता है।
30 जून, 2026 तक देशभर में दूसरे राज्य में जाकर इलाज लेने वाले 29.05 लाख अधिकृत किए जा चुके थे, जिनकी राशि 8,383.97 करोड़ रुपये से अधिक थी।
कार्ड
कैसे बना सकते हैं कार्ड?
आयुष्मान कार्ड को 3 तरह से बनवाया जा सकता है।
पहला तरीका मोबाइल से आयुष्मान ऐप डाउनलोड करके, उसमें पात्र लाभार्थी को लॉग-इन करना होगा। मोबाइल नंबर और ओटीपी आने के बाद रिकॉर्ड खोजकर अपना आधार से e-KYC करना होगा और आवश्यक जानकारी भरकर कार्ड बना सकते हैं।
इसके अलावा, नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जाकर अपना कार्ड बनवा सकते हैं।
इसके अलावा, सूचीबद्ध अस्पतालों में जाकर आयुष्मान मित्र या हेल्प डेस्क से भी कार्ड बनवाया जा सकता है।
नियम
किन लोगों का बन सकता है?
आयुष्मान कार्ड उन्हीं परिवारों का बन सकता है, जो सामाजिक-आर्थिक एवं जाति जनगणना (SECC-2011) के आधार पर चिन्हित होंगे।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में गरीब और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले इसके लिए पात्र हैं।
हालांकि, अगर किसी के परिवार में 70 वर्ष की आयु वाले बुजुर्ग हैं और वह 50,000 रुपये पेंशन पाते हैं या आर्थिक रूप से संपन्न हैं, तो भी सिर्फ बुजुर्ग का कार्ड बन सकता है।
बुजुर्ग का गरीब होना जरूरी नहीं है।
शिकायत
अगर कोई अधिकृत अस्पताल इलाज से मना करें तो क्या करें?
अगर कोई अधिकृत अस्पताल आयुष्मान कार्ड धारकों का इलाज करने से मना करता है तो उसकी शिकायत कई स्तर पर की जा सकती है।
अस्पतालों में बने आयुष्मान मित्र या हेल्प डेस्क पर बात कर सकते हैं। अस्पताल में लिखित में कारण मांग सकते हैं।
इसके अलावा, लाभार्थी आधिकारिक शिकायत निवारण पोर्टल https://cgrms.pmjay.gov.in/GRMS/loginnew.htm पर कैप्चा कोड, योजना का चयन कर अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश में 1800-1800-4444 और राष्ट्रीय स्तर पर 14555 पर शिकायत कर सकते हैं।