मणिपुर में तनाव: नागा-कुकी झड़प के बाद 20 लोग अब भी बंधक, बातचीत ठप
नागा और कुकी समुदायों के बीच हुई झड़पों के बाद मणिपुर में बंधक संकट छाया हुआ है। बीते 13 और 14 मई को 3 कुकी-जो चर्च नेताओं की हत्या के बाद कुल 48 लोगों को अगवा कर लिया गया था। उप-मुख्यमंत्री लोसी डिको और नेमचा किपगेन सभी को छुड़ाने के प्रयासों में जुटे हैं। अब तक 28 लोगों को रिहा करा लिया गया है, लेकिन 20 लोग अभी भी बंधक बने हुए हैं।
मध्यस्थता के प्रयासों के बावजूद बातचीत ठप
चर्च के नेता, नागरिक संगठन, सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियां इस मामले में मदद कर रही हैं, लेकिन बातचीत में कोई खास प्रगति नहीं हो पाई है। 16 मई को सुरक्षा टीमों ने 6 लापता नागाओं की तलाश में कांगपोकपी में तलाशी अभियान चलाया। उप-मुख्यमंत्री डिको ने सभी से हिंसा रोकने की अपील की है। उन्होंने कहा, "लोगों को अगवा करने से किसी का भला नहीं होगा।"
गृह मंत्री कोंथौजाम ने अफवाहों के खिलाफ चेतावनी दी
गृह मंत्री गोविंदस कोंथौजाम ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि वह सामुदायिक नेताओं के साथ मिलकर शांतिपूर्ण समाधान निकालने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इस संकट से मणिपुर की नई सरकार की भी परीक्षा हो रही है, जिसका गठन मेइतेई, नागा और कुकी-जो जैसे सभी समुदायों का प्रतिनिधित्व करने के लिए किया गया था।