हिमाचल प्रदेश से 53 प्रशासनिक अधिकारी वापस जाएंगे दिल्ली, मुख्यमंत्री बोले- अधिकारियों की फौज नहीं चाहिए
क्या है खबर?
हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार राज्य में प्रशासनिक अधिकारियों की भीड़ छांटने जा रही है। कम से कम 53 अधिकारियों को राज्य से वापस दिल्ली भेजने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सोमवार को बताया कि अभी राज्य में भारतीय प्रशानिक सेवा (IAS) के 153 और भारतीय वन सेवा (IFS) के 118 अधिकारी हैं, जिसमें IAS 130 और IFS के पद 83 किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के 96 पद हैं, जो घटेंगे।
छंटनी
अधिकारियों की ज्यादा फौज नहीं चाहिए- सुक्खू
सुक्खू ने पत्रकारों से कहा कि राज्य को अधिकारियों की ज्यादा फौज नहीं चाहिए, हमें वो अधिकारी चाहिए जो हमारी योजनाओं को अच्छे से लागू कर सकें।
उन्होंने कहा कि अनेक अधिकारियों के पास पर्याप्त काम नहीं है, जिससे उनकी क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा।अधिकारियों ने खुद दिल्ली वापस जाने की इच्छा जताई है।
उन्होंने कहा कि पहले ऐसी फाइलों को रोका जाता था, लेकिन अब ऐसी फाइलों तो तुरंत मंजूरी देकर उनको रिलीव करेंगे।
बंद
1952 से जारी ग्रांट बंद- सुक्खू
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश को 1952 से आय-व्यय के अंतर को पाटने के लिए 8 -10,000 करोड़ रुपये की RDG ग्रांट मिलती थी, जो अब बंद है।
उन्होंने कहा कि यह ग्रांट बंद होने के बाद भी कर्मचारियों की वेतन, पेंशन और विकास पर कोई असर नहीं पड़ा है। हालांकि, उन्होंने कहा कि उस ग्रांट से परिवहन और शिक्षा में कई अतिरिक्त विकास कार्य हो जाते थे।
सुक्खू ने कहा कि सरकार कर्मचारियों को अतिरिक्त एरियर का भुगतान करेगी।
ट्विटर पोस्ट
मुख्यमंत्री सुक्खू का बयान
हम प्रशासनिक अधिकारियों के पदों में कमी करने जा रहे हैं। आईएएस के 153 में से 130 और आईएफएस के 118 में से 83 पद करने जा रहे हैं। आईपीएस के पद भी घटाए जाएंगे।
— Sukhvinder Singh Sukhu (@SukhuSukhvinder) August 17, 2026
अनेक अधिकारियों के पास पर्याप्त काम नहीं है, जिससे उनकी क्षमता का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा। इसलिए दिल्ली जाने के इच्छुक… pic.twitter.com/2UQkeJauJ0