देशद्रोह मामले में दोषी रामपाल बाबा को मिली जमानत, 11 साल बाद हरियाणा जेल से छूटा
क्या है खबर?
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बुधवार को देशद्रोह मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे सतलोक आश्रम के प्रमुख रामपाल बाबा को जमानत दे दी। रामपाल पिछले 11 साल 4 महीने से हरियाणा की हिसार की जेल में बंद थे। उ्न्हें जल्द ही कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने बाद रिहा कर दिया जाएगा। हिसार केंद्रीय जेल-2 के अधीक्षक उमेश कुमार ने बताया कि हाई कोर्ट से आदेश संबंधित कोर्ट पहुंचेगा, जहां जमानत बांड दाखिल होने के बाद आदेश जेल आएगा।
मामला
किस मामले में सजा काट रहे रामपाल
12 जुलाई, 2006 को रोहतक के करोन्था आश्रम में स्वामी दयानंद सरस्वती की पुस्तक पर टिप्पणी को लेकर रामपाल और आर्य समाज समर्थकों बीच झड़प हुई थी, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। 14 जुलाई, 2014 को हिसार अदालत में वर्चुअल सुनवाई के दौरान रामपाल के समर्थकों ने अदालत में हिंसा शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस 19 नवंबर को रामपाल को गिरफ्तार करने आश्रम पहुंची, जहां हिंसा में 5 महिलाओं और एक बच्चे की मौत हो गई।
अवमानना
2018 में सुनाई गई उम्रकैद की सजा
हिसार की अदालत ने 2018 में, आश्रम में हुई मौतों के सिलसिले में रामपाल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। रामपाल ने हिसार अदालत में जमानत याचिका भी दायर की थी, लेकिन 22 सितंबर, 2025 को इसे खारिज कर दिया गया। इसके बाद वह हाई कोर्ट पहुंचा। रामपाल के खिलाफ कुल 14 मामले दर्ज हैं, जिनमें 11 में वह बरी हो चुकी है। अभी उसके खिलाफ देशद्रोह का मामला चल रहा है।
पहचान
कौन है रामपाल?
रामपाल खुद को धार्मिक उपदेशक और सतलोक आश्रम का संस्थापक बताता है। उसके अनुयायी मुख्य रूप से हरियाणा और उत्तर भारत में हैं। रामपाल पहले हरियाणा के सिंचाई विभाग में कनिष्ठ अभियंता थे, लेकिन 1990 के दशक में नौकरी छोड़ आध्यात्म के रास्ते पर आ गए। उन्होंने कई आश्रम भी बनवाए। अपने उग्र अनुयायियों की वजह से 2014 में कोर्ट के 2 आदेश के बाद भी रामपाल हाजिर नहीं हो रहे थे और पुलिस भी गिरफ्तारी से डर रही थी।