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गुरूग्राम में जलभराव की बिगड़ती स्थिति के बीच भाजपा सांसद बोले- 2047 तक सब ठीक होगा
गुरूग्राम में जलभराव की बिगड़ती स्थिति के बीच भाजपा सांसद धरमबीर सिंह का अजोबीगरीब आश्वासन

गुरूग्राम में जलभराव की बिगड़ती स्थिति के बीच भाजपा सांसद बोले- 2047 तक सब ठीक होगा

लेखन गजेंद्र
Aug 26, 2026
01:46 pm

क्या है खबर?

दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरूग्राम में बारिश से हुए जलभराव ने स्थिति भयावह बना दी है। अधिकतर सड़कें जलमग्न हो गईं और स्कूल बसें घंटों तक पानी में फंसी रहीं। इस बीच, भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से भाजपा सांसद धरमबीर सिंह का कहना है कि गुरूग्राम में तेजी से आबादी और वाहन बढ़े हैं, जिससे समस्या हो रही है। उन्होंने NDTV से बातचीत में कहा कि 2047 के लिए तैयार किया गया मास्टरप्लान सभी समस्याओं का समाधान कर देगा।

बयान

60 साल पहले के योजनाकारों को कोसा

गुरूग्राम की स्थिति को लेकर NDTV ने सांसद सिंह से कुछ सवाल किए थे, जिसको लेकर उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ट्रैफिक जाम और जलभराव को लेकर कड़ी मेहनत कर रही है, लेकिन कुछ संभव नहीं है।

उन्होंने कहा कि गुरूग्राम की मौजूदा बेकार स्थिति 60 साल पहले की योजना की वजह से है, जिसमें योजनाकारों को एहसास नहीं था कि शहर इतनी तेजी से बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि नालियों पर अतिक्रमण है और अब उनको चौड़ा नहीं कर सकते।

बयान

2027 तक सुधरेंगी व्यवस्था- सांसद

उन्होंने बताया कि इन दिनों अचानक और तेज बारिश हो रही है। पानी जमा हो जाता है और निकलने में समय लगता है, सरकार पानी निकालने के लिए अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं।

उनसे पूछा गया कि मिलेनियम सिटी में लोगों की समस्याएं कब दूर होंगी, तो सांसद ने कहा कि 2047 के लिए तैयार मास्टरप्लान सभी समस्याओं का समाधान करेगा।

उन्होंने कहा कि नया मास्टरप्लान शहर को भविष्य की जरूरतों के लिए विकसित करेगा।

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बदहाली

गुरूग्राम सांसद ने कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया

गुरूग्राम से 2014 से सांसद रहे भाजपा नेता राव इंद्रजीत सिंह ने क्षेत्र की समस्या के लिए कांग्रेस काल की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है, जबकि राव खुद क्षेत्र में कांग्रेस के सांसद रह चुके हैं।

उन्होंने कहा, "गुरुग्राम में वर्षों से जलभराव की समस्या है। इसका मुख्य कारण पुराने नालों पर विकास कार्य है, जो पहले पहाड़ियों से यमुना तक पानी ले जाते थे। कांग्रेस काल में हुए इस विकास के परिणाम आज भी भुगतने पड़ रहे हैं।"

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