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गुरूग्राम के रेस्तरां ने ग्राहक से लिया 116 रुपये सेवा शुल्क, अब भरने पड़ेंगे 31,000 रुपये
गुरूग्राम में ग्राहक से सेवा शुल्क वसूलने पर रेस्तरां पर आर्थिक दंड (प्रतीकात्मक तस्वीर)

गुरूग्राम के रेस्तरां ने ग्राहक से लिया 116 रुपये सेवा शुल्क, अब भरने पड़ेंगे 31,000 रुपये

लेखन गजेंद्र
Sep 29, 2026
01:24 pm

क्या है खबर?

दिल्ली से सटे हरियाणा के गुरूग्राम में एक रेस्तरां को ग्राहक से सेवा शुल्क के रूप में 116 रुपये लेना भारी पड़ गया। इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, गुरुग्राम जिला उपभोक्ता आयोग ने फैसला सुनाया कि रेस्तरां ग्राहक को सेवा शुल्क वापस करे और मनमाने ढंग से बिल में यह शुल्क जोड़ने के लिए 31,000 रुपये का आर्थिक दंड चुकाए। आयोग अध्यक्ष संजीव जिंदल, सदस्य ज्योति सिवाच और खुशविंदर कौर ने रेस्तरां को अनुचित व्यापार प्रथा अपनाने का दोषी ठहराया है।

मामला

क्या है मामला?

रिपोर्ट के मुताबिक, शिकायतकर्ता अपने परिवार के साथ रात के खाने के लिए रेस्तरां गए थे। खाना खाने के बाद उनके पास बिल आया, जिसमें रेस्तरां ने 116.30 रुपये का सेवा शुल्क जोड़ा था, जो 1,163 रुपये के बिल का 10 प्रतिशत था।

शिकायतकर्ता ने रेस्तरां से सेवा शुल्क हटाने को कहा, लेकिन उसने इनकार कर दिया।

इसके बाद शिकायतकर्ता ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का आरोप लगाया और मुआवजे की मांग कर आयोग में याचिका लगाई।

सजा

सेवा शुल्क वापसी के साथ उत्पीड़न और मुकदमे का खर्च मिला

आयोग ने बिल की जांच में पाया कि रेस्तरां ने वास्तव में सेवा शुल्क वसूला था। इसके बाद, रेस्तरां को सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी ठहराया गया।

आयोग ने रेस्तरां को 116.30 रुपये का सेवा शुल्क वापस करने और शिकायतकर्ता को मानसिक उत्पीड़न, पीड़ा और आर्थिक नुकसान के मुआवजे के रूप में 20,000 रुपये भुगतान करने का निर्देश दिया।

साथ ही, मुकदमेबाजी खर्च के लिए 11,000 रुपये का भुगतान करने का भी निर्देश दिया।

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नियम

क्या है सेवा शुल्क का नियम?

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) ने 4 जुलाई, 2022 को आदेश दिया कि होटल और रेस्तरां ग्राहक के बिल में स्वतः सेवा शुल्क नहीं जोड़ सकते।

दिशानिर्देश के मुताबिक, सेवा शुल्क या किसी अन्य नाम से ऐसा शुल्क नहीं वसूला जा सकता है।

सेवा शुल्क का भुगतान स्वैच्छिक है और ग्राहक के विवेक पर निर्भर करता है। इसका अनिवार्य रूप से लगाया जाना अनुचित व्यापार प्रथा है।

इसके लिए राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 पर शिकायत कर सकते हैं।

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