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गुजरात ATS ने जैश-ए-मोहम्मद के 5 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया, अब तक 13 पकड़े गए
गुजरात ATS ने जैश-ए-मोहम्मद के 5 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया

गुजरात ATS ने जैश-ए-मोहम्मद के 5 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया, अब तक 13 पकड़े गए

लेखन गजेंद्र
Jul 17, 2026
11:47 am

क्या है खबर?

गुजरात की आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने पाकिस्तान के आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े 5 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को मेहसाना जिले के काडी स्थित न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया, जहां से उन्हें 24 जुलाई तक ATS की हिरासत में भेजा गया है। ATS ने अब तक जैश आतंकी मॉड्यूल का खुलासा करते हुए 13 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार कर लिया है। इससे पहले 3 जुलाई को 8 आतंकी गिरफ्तार हुए थे।

आतंकी

8 आतंकियों ने पूछताछ में 5 सदस्यों की जानकारी दी

ATS के अधिकारियों ने बताया कि पहले जिन 8 जैश आतंकियों को गिरफ्तार किया गया था, उन्होंने पूछताछ के दौरान 5 अन्य सदस्यों की जानकारी दी थी, जिसके बाद इन्हें पाटन जिले में सिद्धपुर तालुका के खडियाल गांव से पकड़ा गया।

इन आरोपियों की पहचान बिलाल आबिदभाई शेरा, मोहम्मद अयूब कादीवाला उर्फ ​​मोहम्मद खदियासन, मोहम्मद पालनपुरी उर्फ ​​खली अयूब सुंसरा, शफिया रईस मुक्ति उर्फ ​​शफी चापी और मोहम्मद हसन करदिया उर्फ ​​हसन हैदरपुरी के रूप में की गई है।

जांच

धमाकों की रच रहे थे साजिश

ATS ने अदालत को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में एक ने टाइम बम बनाने का प्रयास किया था। हालांकि, बम बनाने की सामग्री और उर्दू में JeM साहित्य बरामद नहीं हुआ है।

इन सभी की योजना भारत के कई शहरों में धमाके करने की थी। स्वतंत्रता दिवस से पहले ये बम धमाके की योजना बना रहे थे।

आरोपियों ने गुजरात में देसी बम बनाकर अलग-थलग स्थानों पर कई बार परीक्षण विस्फोट किए थे, जिनमें से कुछ विस्फोट असफल रहे थे।

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संपर्क

पाकिस्तान में JeM मुख्यालय से संपर्क में थे आतंकी

गिरफ्तार आरोपियों से बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के फोरेंसिक विश्लेषण की जांच में पता चला कि आतंकी जैश के शीर्ष नेतृत्व के सीधे संपर्क में थे और पाकिस्तान के बहावलपुर स्थित संगठन के मुख्यालय के साथ वार्ता करते थे।

संदिग्धों और पाकिस्तान स्थित संचालकों के बीच लगातार संचार होता रहा।

बता दें कि भारत के 'ऑपरेशन सिंदूर' में बहावलपुर मुख्यालय के तबाह होने के बाद आतंकी संगठन अपने नेटवर्क को पुनर्गठित और मजबूत कर रहे हैं।

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