गुजरात में मेडिकल छात्रों को उत्पीड़न से बचाने के लिए चिकित्सा अधीक्षक ने ली रिश्वत, गिरफ्तार
क्या है खबर?
गुजरात के दाहोद में जेएस चौहान सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ रहीमभाई इब्राहिमभाई मेमन (59) को मेडिकल छात्रों से रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। गुजरात भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो (ACB) ने उनको 40,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। आरोप है कि मेमन ने जिला निवास कार्यक्रम (DRP) के तहत सरकारी अस्पताल में नियुक्त 8 छात्रों से कथित तौर पर 5,000 रुपये प्रति छात्र यानी कुल 40,000 रुपये मांगे थे।
घटना
कैसे पकड़ा गया चिकित्सा अधीक्षक?
गुजराती मीडिया के मुताबिक, डॉक्टर मेमन ने मेडिकल छात्रों से 5-5 हजार रुपये की मांग की थी। इसमें एक छात्र को रिश्वत देना मंजूर नहीं था।
उसने इसकी शिकायत ACB में कर दी। इसके बाद ब्यूरो ने 5 अक्टूबर को अस्पताल परिसर में स्थित डॉक्टर के आवास में जाल बिछाया।
ऑपरेशन के दौरान शिकायतकर्ता मेमन को पैसे देने गया था, जिसे मेमन ने ले लिया। तभी ब्यूरो के अधिकारियों ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
जांच
किस बात की रिश्वत ले रहा था डॉक्टर?
रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी ने अनुकूल कार्य सौंपने और सेवाकाल के दौरान उत्पीड़न से बचाव सुनिश्चित करने के बदले में 8 छात्रों से रिश्वत मांगी थी।
उनका दावा था कि रिश्वत देने से छात्रों को उनकी सेवा के दौरान बिल्कुल भी परेशान नहीं किया जाएगा और उनको आसान काम सौंपा जाएगा।
जांच टीम ने आरोपी से रिश्वत की पूरी रकम बरामद कर ली है और आगे की कानूनी कार्यवाही की जा रही है।