सरकार ने सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने के लिए लोकसभा में पेश किया विधेयक
क्या है खबर?
केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सोमवार को संसद के मानसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया। इस दौरान विपक्ष ने NEET-UG पेपर लीक समेत विभिन्न मांगों को लेकर हंगामा जारी रखा। मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) अधिनियम, 1956 में और संशोधन करने के उद्देश्य से विधेयक पेश करने का प्रयास किया। हालांकि, हंगामे के कारण इस पर चर्चा नहीं हो पाई।
संख्या
विधेयक में सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीशों की संख्या 37 करने का है प्रावधान
प्रस्तावित विधेयक उस अध्यादेश का स्थान लेगा जिसे केंद्र ने पहले सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने के लिए जारी किया था।
यह विधेयक ऐसे समय पारित हो गया जब विपक्ष के सदस्य NEET-UG पेपर लीक और राम मंदिर चंदा गबन मामले को लेकर विरोध जारी रखे हुए थे।
व्यवधान जारी रहने के कारण लोकसभा को दोपहर 12:30 बजे तक स्थगित कर दिया गया, जिसे बाद में दोपहर 2 बजे तक बढ़ा दिया गया।
विधेयक
सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक क्या है?
इस विधेयक का उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर 33 से बढ़ाकर 37 कर दी गई है।
मुख्य न्यायाधीश को शामिल करने पर सर्वोच्च न्यायालय में कुल स्वीकृत न्यायाधीशों की संख्या 38 हो जाएगी।
वर्तमान में केवल 32 न्यायाधीश (मुख्य न्यायाधीश सहित) कार्यरत हैं, जो पूर्व निर्धारित सीमा से काफी कम है।
ऐसे में यह विधेयक न्यायालय को प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए पर्याप्त अवसर प्रदान करता है।
संशोधन
यह विधेयक नहीं है कोई नया संशोधन
हालांकि, यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि यह विधेयक कोई नया संशोधन नहीं है, बल्कि यह एक पुराने अध्यादेश को एक स्थायी कानून में परिवर्तित करता है।
मई की शुरुआत में राष्ट्रपति पहले ही एक अध्यादेश ला चुके थे, जिसमें यही बदलाव किया गया था और पहले से लागू उच्च न्यायाधीश संख्या को स्थायी कानून बना दिया गया था।
यह विधेयक प्रक्रिया के अनुसार उस अध्यादेश को एक स्थायी कानून में परिवर्तित करता है।
जानकारी
विधेयक संवैधानिक संशोधन से कैसे है अलग?
संविधान का अनुच्छेद 124 संसद को साधारण कानून के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की संख्या तय करने का अधिकार देता है। इसे पारित करने के लिए केवल साधारण बहुमत की आवश्यकता है, न कि दो-तिहाई बहुमत की।
पृष्ठभूमि
पहले भी बढ़ाई जा चुकी है सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीशों की संख्या
सुप्रीम कोर्ट की स्थापना के बाद से न्यायाधीशों की संख्या में चरणबद्ध तरीके से वृद्धि की गई है।
1956 में मुख्य न्यायाधीश को छोड़कर न्यायाधीशों की संख्या 10 निर्धारित की गई थी। उसके बाद 1960 में 13 कर दिया गया।
1977 में यह संख्या 17 की गई और 1986 में 25 कर दिया गया।
उसके बाद 2008 में संख्या को 30 किया गया और फिर 2019 में इसे 33 कर दिया गया। अब इस संख्या को 37 तक पहुंचाया जाएगा।