2 बाउंसर, सायरन वाली कार और पिस्टल; सेना ने कैसे दबोचा 21 साल का फर्जी ब्रिगेडियर?
क्या है खबर?
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां सेना ने एक गुप्त अभियान चलाकर 21 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को ब्रिगेडियर बताता था। यहीं नहीं, युवक ने बकायदा कार पर सेना की प्लेट, वर्दी, पिस्टल और अपनी सुरक्षा में 2 कथित कमांडो को भी तैनात कर रखा था। संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर सेना ने जाल बिछाया और युवक को पकड़ लिया। आइए मामला समझते हैं।
शुरुआत
अप्रैल से युवक की गतिविधियों पर नजर रख रही थी सेना
दरअसल, सेना को कुछ दिनों से जानकारी मिल रही थी कि एक युवक ब्रिगेडियर की सेरेमोनियल वर्दी पहनकर आसपास के इलाके में घूम रहा है। ये युवक खुद को एक बड़े अधिकारी के तौर पर पेश करता था। गतिविधियां संदिग्ध लगने पर सेना ने युवक पर नजर रखनी शुरू की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शाहजहांपुर स्टेशन मुख्यालय के प्रशासनिक कमांडेंट कर्नल जेएस जगलान ने स्थानीय पूर्व सैनिकों के साथ मिलकर युवक को पकड़ने के लिए योजना बनाई।
योजना
सेना ने युवक को फर्जी कार्यक्रम में भाषण देने बुलाया
सेना ने युवक को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। इसके तहत उसे भर्ती परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं से बात करने और उन्हें प्रेरित करने के लिए एक नकली कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया। 12 जून को युवक ब्रिगेडियर की वर्दी पहनकर साथ में 2 कमांडो लिए सेना का झंडा लगी कार में सवार होकर कार्यक्रम स्थल पहुंचा। यहां आते ही अधिकारियों ने उससे पूछताछ शुरू की और दबोच लिया। दोनों कमांडो को भी हिरासत में लिया गया।
बरामदगी
युवक के पास से क्या-क्या मिला?
तलाशी के दौरान नकली ब्रिगेडियर के पास से पहचान पत्र, पिस्टल, AMC रेजिमेंटल केन और सेना से जुड़े अन्य सामान बरामद हुए। उसके ड्राइवर के पास भारत सरकार का फर्जी पहचान पत्र मिला। अपनी वर्दी के साथ युवक ने एक नकली पिस्तौल और रेजिमेंटल छड़ी भी रखी थी, जो जब्त कर ली गई। उसके पहचान पत्र पर कथित तौर पर सशस्त्र बल चिकित्सा महाविद्यालय के डीन की मुहर लगी थी। अधिकारियों को संदेह है कि यह पहचान पत्र नकली है।
NEET
NEET परीक्षा में 2 बार फैल हुआ युवक
आरोपी की पहचान 21 साल के आर्यन वर्मा के तौर पर हुई है। वह दिल्ली में रहकर NEET की तैयारी कर रहा था, लेकिन 2 बार पास नहीं हो सका था। उसके पिता उद्यान विभाग में इंस्पेक्टर और मां सरकारी नौकरी में हैं। पूछताछ में उसने बताया कि पारिवारिक दबाव के चलते उसने दिल्ली से ब्रिगेडियर की वर्दी खरीदी, 2 लड़कों को किराए पर रखा और घरवालों को बताया कि उसका सेना में चयन हो गया है।