भारत बोला- ऊर्जा सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता, वेनेजुएला से तेल खरीद का विकल्प खुला
क्या है खबर?
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता अपने 140 करोड़ नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा है। साथ ही ये भी कहा कि वह वेनेजुएला समेत किसी भी नए आपूर्ति विकल्प के वाणिज्यिक लाभों का मूल्यांकन करने के लिए तैयार है। इस टिप्पणी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान से जोड़ा जा रहा है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि भारत रूसी तेल खरीदी बंद करने पर सहमत हो गया है।
वेनेजुएला
वेनेजुएला से तेल खरीद पर क्या बोला भारत?
विदेश मंत्रालय ने कहा, "वेनेजुएला ऊर्जा क्षेत्र और निवेश में हमारा दीर्घकालिक साझेदार रहा है। हम 2019-20 तक वेनेजुएला से ऊर्जा और कच्चे तेल का आयात कर रहे थे, जिसके बाद हमें इसे रोकना पड़ा। फिर 2023-24 में वेनेजुएला से तेल खरीदना शुरू किया, लेकिन प्रतिबंध के बाद रोकना पड़ा। ऊर्जा सुरक्षा के प्रति अपने दृष्टिकोण के अनुरूप, भारत वेनेजुएला सहित किसी भी कच्चे तेल की आपूर्ति के व्यावसायिक लाभों का पता लगाने के लिए तत्पर है।"
प्राथमिकता
मंत्रालय ने कहा- ऊर्जा सुरक्षा हमारी प्राथमिकता
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "सरकार ने कई बार सार्वजनिक रूप से कहा है कि 140 करोड़ भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बाजार की वस्तुनिष्ठ परिस्थितियों और बदलते अंतरराष्ट्रीय परिदृश्यों के अनुरूप ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाना हमारी रणनीति का मूल आधार है। भारत के सभी निर्णय इसी बात को ध्यान में रखकर लिए गए हैं और आगे भी लिए जाएंगे।"
ट्रंप का बयान
रूसी तेल खरीद को लेकर ट्रंप ने क्या दावा किया था?
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते की घोषणा के बाद ट्रंप ने दावा किया कि भारत रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा और वेनेजुएला से खरीदेगा। ट्रंप ने कहा था, 'हमने व्यापार समेत कई मुद्दों पर बात की, रूस के साथ युद्ध समाप्त करने पर सहमति बनी, रूसी तेल खरीदना बंद करने और अमेरिका और संभवतः वेनेजुएला से अधिक तेल खरीदने पर सहमति व्यक्त की। इससे यूक्रेन में चल रहे युद्ध में मदद मिलेगी, जिसमें हर हफ्ते हजारों लोग मारे जा रहे हैं!'
रूस
क्या भारत ने बंद कर दी है रूसी तेल खरीद?
रूस का कहना है कि उसे इस संबंध में भारत के कोई जानकारी नहीं मिली है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा, "अभी तक हमें नई दिल्ली से कोई बयान नहीं मिला है। हम अमेरिका-भारत के द्विपक्षीय संबंधों का सम्मान करते हैं, लेकिन रूस-भारत की एडवांस्ड स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप के विकास को भी उतना ही महत्व देते हैं। यह हमारे लिए सबसे महत्वपूर्ण बात है और हम दिल्ली के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को और विकसित करना चाहते हैं।"