अल नीनो के कारण पड़ेगी भीषण गर्मी और कमजोर होगा मानसून, स्काईमेट ने दी चेतावनी
क्या है खबर?
दिग्गज निजी क्षेत्र की मौसम पूर्वानुमान एजेंसी स्काईमेट ने अल नीनो के प्रभाव से इस साल देश में भीषण गर्मी पड़ने और मानसून कमजोर होने की चेतावनी दी है। एजेंसी के मुख्य मौसम विज्ञानी महेश पलावत ने कहा है कि बढ़ता तापमान पहले से ही आने वाले चुनौतीपूर्ण मौसम का संकेत दे रहा है। उन्होंने कहा, "अप्रैल का महीना चल रहा है और देश के कई हिस्सों में तापमान पहले ही 47 डिग्री के करीब पहुंच चुका है।
अनुमान
आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?
CNBC-TV18 से बातचीत में पलावत ने कहा, "यह अल नीनो का वर्ष भी है और यह सबसे शक्तिशाली अल नीनो में से एक है। इस मौसम संबंधी घटना का प्रभाव वैश्विक स्तर पर बढ़ते तापमान और भारत समेत दक्षिण पूर्व एशिया में कम मानसून के रूप में देखा जाएगा।" उन्होंने बताया कि मई के महीने में तापमान और बढ़ सकता है, जो आमतौर पर सबसे गर्म महीना होता है। यह स्थिति मानसून के आगमन तक बनी रह सकती है।
अल नीनो
क्या होता है अल नीनो?
अल नीनो प्रशांत महासागर में भूमध्य रेखा के पास पानी के असामान्य रूप से गर्म होने की एक प्राकृतिक जलवायु घटना है, जो हर 2-7 साल में होती है। इस दौरान प्रशांत महासागर का सतही तापमान सामान्य से 0.5 से 1.4 डिग्री तक अधिक हो जाता है। इसमें ट्रेड विंड्स कमजोर हो जाती हैं, जिससे गर्म पानी दक्षिण अमेरिका की ओर बढ़ता है। इसका असर भारत में कमजोर मानसून और सूखे के रूप में पड़ता है।
लू
देशभर में चल रहा लू का प्रकोप
यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब देश का बड़ा हिस्सा भीषण लू की चपेट में हैं। कई क्षेत्रों में तापमान 47 डिग्री के करीब पहुंच गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में लगातार लू चलने की आशंका जताई है। 26 अप्रैल को महाराष्ट्र के अकोला में अधिकतम तापमान 46.9 डिग्री दर्ज किया गया, वहीं राजस्थान के बाड़मेर और जैसलमेर में तापमान लगभग 46 डिग्री रहा।