अमेरिकी प्रतिबंधों से विझिंजम बंदरगाह बना 'सोने की चिड़िया'! 10,000 करोड़ के निवेश से चमका भारत का नया ग्लोबल पोर्ट
केरल का विझिंजम बंदरगाह इन दिनों अचानक सुर्खियों में आ गया है। इसकी वजह अमेरिका का हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर लगाया गया प्रतिबंध है। U.A.E. के बंदरगाह बंद होने के कारण, आठ अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के लगभग 100 जहाज अब विझिंजम पहुँच रहे हैं, जिससे क्षेत्रीय तनावों के बीच फंसी वैश्विक शिपिंग के लिए यह एक अहम पड़ाव बन गया है।
अडानी विझिंजम कर रहा है 10,000 करोड़ रुपये का निवेश
यह बंदरगाह U.A.E. जाने वाले एक बड़े समुद्री मार्ग से सिर्फ 10 नॉटिकल मील दूर है। इस कारण जहाज मुंबई जैसे अन्य रास्तों पर जाने की बजाय यहाँ रुककर समय और ईंधन, दोनों की बचत करते हैं। फिलहाल, इस बंदरगाह पर एक साथ सिर्फ दो बड़े या चार छोटे जहाज ही डॉक कर सकते हैं। इनमें से ज़्यादातर जगहें मेडिटेरेनियन शिपिंग कंपनी (MSC) ने बुक कर रखी हैं। इस बढ़ती मांग को देखते हुए, अडानी विझिंजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड 10,000 करोड़ रुपये का भारी निवेश कर रही है। कंपनी का लक्ष्य है कि 2027 तक बर्थ को इतना बड़ा किया जाए ताकि और भी जहाज वहाँ रुक सकें, और 2028 तक इसका और भी ज़्यादा विस्तार हो।