DRDO ने किया LRLACM क्रूज मिसाइल का सफल परीक्षण, जानिए इसकी खासियत
क्या है खबर?
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने सोमवार को एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए ओडिशा के चांदीपुर तट से दूर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से अपनी स्वदेशी लंबी दूरी की जमीन पर हमला करने वाली क्रूज मिसाइल (LRLACM) का सफल उड़ान परीक्षण किया। इस अत्याधुनिक मिसाइल के परीक्षण के दौरान तय किए गए सभी सामरिक और तकनीकी उद्देश्य पूरी तरह सफल रहे। आइए इस मिसाइल की खासियत पर नजर डालते हैं।
बयान
रक्षा मंत्रालय ने जारी किया बयान
रक्षा मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि DRDO ने डॉ एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से अपनी स्वदेशी क्रूज मिसाइल LRLACM का सफल उड़ान परीक्षण किया है। परीक्षण के सभी उद्देश्य सफलतापूर्वक प्राप्त कर लिए गए, क्योंकि मिसाइल ने 1,000 किलोमीटर की दूरी पर स्थित लक्ष्य को भेदा। मंत्रालय ने कहा कि LRLACM मिसाइल की सभी उप-प्रणालियों को विभिन्न DRDO प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योग भागीदारों द्वारा विकसित किया गया है। बेंगलुरु स्थित वैमानिकी विकास प्रतिष्ठान नोडल प्रयोगशाला है।
सफलता
'निर्भय' क्रूज मिसाइल की असफलता के बाद मिली सफलता
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह घटनाक्रम भारत की स्वदेशी 'निर्भय' क्रूज मिसाइल के प्रयोग की विफलता के बाद सामने आया है, जिसमें 2013, 2015, 2016 और 2020 की घटनाएं शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह क्रूज मिसाइल असफल 'निर्भय' मिसाइल का उन्नत संस्करण है और इसमें अधिक मारक क्षमता और अन्य तकनीकी सुधार शामिल हैं। मौजूदा LRLACM को कई प्लेटफार्मों से लॉन्च किया जा सकता है। इससे भारतीय सेना और मजबूत हो जाएगी।
मिसाइल
क्या है LRLACM और इसे गेमचेंजर क्यों कहा जा रहा है?
LRLACM जमीन पर मार करने वाली बेहद लंबी दूरी की क्रूज मिसाइल है। यह पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइलों की तरह अंतरिक्ष में जाकर नीचे नहीं गिरती, बल्कि सतह से बहुत कम ऊंचाई पर उड़ती है। इसका फायदा यह होता है कि दुश्मन के बड़े से बड़े रडार और डिफेंस सिस्टम भी इसका पता लगाने में नाकाम हो जाते हैं। यह मिसाइल हवा में ही अपना रास्ता बदलने और दुश्मन के ठिकानों को ढूंढकर सटीक हमले करने की अद्भुत क्षमता रखती है।
क्षमता
कितनी है LRLACM की क्षमता?
इस मिसाइल की मारक क्षमता 1,000 किलोमीटर से लेकर 1,500 किलोमीटर तक है। इसका मतलब यह है कि भारत अपनी सीमा के भीतर सुरक्षित रहकर भी दुश्मन के घर में घुसकर तबाही मचा सकती है। इस मिसाइल को मोबाइल लॉन्चर, युद्धपोतों और पनडुब्बियों से भी दागा जा सकता है। अगर, भारत इस मिसाइल को अपनी अग्रिम सीमाओं पर तैनात करता है, तो पाकिस्तान और चीन के कई महत्वपूर्ण शहर सीधे तौर पर इसके निशाने पर आ जाएंगे।
तुलना
अमेरिका की टोमाहॉक मिसाइल से की जा रही LRLACM की तुलना
भारत की स्वदेशी मिसाइल LRLACM को व्यापक रूप से अमेरिका की टोमाहॉक मिसाइल के समकक्ष माना जा रहा है, और यह कई ऊंचाइयों और गति पर पैंतरेबाजी कर सकती है। DRDO के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय नौसेना और भारतीय वायुसेना के उपयोगकर्ता प्रतिनिधियों ने भी परीक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। रक्षा सचिव और DRDO के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने प्रक्षेपण के दौरान गतिविधियों की बारीकी से निगरानी की।
शहर
पाकिस्तान के ये शहर होंगे निशाने पर
भारत की पश्चिमी सीमा से लॉन्च किए जाने पर यह मिसाइल लगभग पूरे पाकिस्तान को कवर कर सकती है। इसकी जद में पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद और प्रमुख सैन्य शहर रावलपिंडी आ जाएंगे। इसी तरह भारत की सीमा के बेहद करीब होने के कारण लाहौर और फैसलाबाद भी कुछ ही मिनटों में मिसाइल का निशाना बन जाएंगे। पाकिस्तान का सबसे बड़ा आर्थिक और मुख्य नौसैनिक बेस कराची भी इस मिसाइल की मारक क्षमता के भीतर आ जाएगा।
चीन
चीन के ये शहर होंगे निशाने पर
वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) या भारत के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों से दागे जाने पर चीन के पश्चिमी और मध्य क्षेत्र के कई रणनीतिक शहर इस मिसाइल की सीमा में होंगे। इनमें तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र की राजधानी ल्हासा और वहां मौजूद चीनी सेना के हवाई ठिकाने, पश्चिमी थिएटर कमांड का मुख्य सैन्य और प्रशासनिक केंद्र चेंग्दू, शिनजियांग प्रांत का रणनीतिक रूप से बेहद प्रमुख शहर उरुम्की और दक्षिण-पश्चिम चीन का एक बड़ा आर्थिक और सैन्य शहर कुनमिंग शामिल हैं।