क्या सोनिया गांधी ने स्वतंत्रता दिवस समारोह में 'वंदे मातरम' का गायन रोकने की कोशिश की?
क्या है खबर?
देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस पर नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय से सामने आए एक वीडियो को लेकर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस वीडियो में कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी के इशारे राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के बजने से रोकने वाले प्रतीत हो रहे हैं। इसको लेकर अब सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई है। आइए पूरे मामले पर नजर डालते हैं।
वीडियो
वीडियो में क्या दिख रहा है?
कांग्रेस के कार्यक्रम के वीडियो में सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और खड़गे अन्य पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोह में भाग लेते हुए दिखाई दे रहे हैं।
इस दौरान 'वंदे मातरम' का गायन के बीच सोनिया और खड़गे को अपने आसपास के लोगों की ओर हाथ के इशारे करते हुए देखा जा सकता है, जो यह संकेत देते प्रतीत होते हैं कि गायन या वादन को रोक दिया जाना चाहिए।
इशारा
राहुल के इशारों ने भी अटकलों की दी हवा
सोनिया और खड़गे के बाद राहुल को भी ऐसा ही इशारा करते हुए देखा गया।
यह फुटेज तब से ऑनलाइन व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है और आलोचक कांग्रेस नेतृत्व पर राष्ट्रगान का अपमान करने का आरोप लगा रहे हैं।
यह घटनाक्रम तब सामने आया जब राहुल और खड़गे ने अनुचित प्रोटोकॉल के कारण दिल्ली के लाल किले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में भाग नहीं लिया। इसकी भी काफी चर्चा है।
ट्विटर पोस्ट
यहां देखें वीडियो
Rahul Gandhi aspires to be Indian PM,
— Cons of Congress (@ConsOfCongress) August 15, 2026
Leave being PM, first he should try to be an Indian along with his family members.
Immediately after Vande Mataram started to play
- his mother Sonia Gandhi got angry and openly asked to stop it
- Rahul himself intervened and asked to… pic.twitter.com/SVy97C7Xe1
आरोप
भाजपा ने लगाया राष्ट्रीय गीत के अपमान का आरोप
इस वीडियो को लेकर भाजपा प्रवक्ता गोपाल कृष्ण अग्रवाल ने कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत के अपमान का आरोप लगाया।
उन्होंने एक्स पर लिखा, 'आज स्वतंत्रता दिवस पर जो नजारा देखने को मिला, वह बेहद शर्मनाक है। सोनिया गांधी का भारत के राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के बजने पर आपत्ति जताना कांग्रेस पार्टी की सोच को उजागर करता है। क्या यह वही कांग्रेस है जो देश की आज़ादी की लड़ाई की विरासत का दावा करती है?'
महत्व
वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं- अग्रवाल
भाजपा प्रवक्ता अग्रवाल ने आगे लिखा, 'वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं है, यह भारत की आजादी की लड़ाई, राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति का ऐतिहासिक प्रतीक है। इसके प्रति ऐसा रवैया उस पुरानी 'आपातकाल वाली मानसिकता' की याद दिलाता है। यह एक ऐसी सोच है जिसने हमेशा भारत की सभ्यता, संस्कृति, इतिहास और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति अनादर दिखाया है। देश की जनता ने इस मानसिकता को नकारा है और भविष्य में भी नकारती रहेगी। वंदे मातरम।'
बचाव
कांग्रेस ने किया मामले का बचाव
इस मामले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा, "कोई विवाद नहीं है। कांग्रेस हाई कमान या जयराम रमेश आपको पार्टी के रुख के बारे में बताएंगे।"
इसके बाद पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा, "भाजपा के सभी आरोप झूठे हैं। समारोह में वंदे मातरम गीत का पूरा संस्करण गाया गया था। इस पर कोई विवाद ही नहीं है। सोनिया गांधी केवल पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी मांग रही थीं।
टकराव
वंदे मातरम पर पुराना है सियासी टकराव
यह विवाद ऐसे समय में आया है जब देश में 'वंदे मातरम' को लेकर पहले से ही सियासी बहस चल रही है।
हाल ही में प्रधानमंत्री मोदी ने इतिहास का हवाला देते हुए कांग्रेस पर हमला बोला था कि उन्होंने राष्ट्रीय गीत को "काट" दिया और आजादी से पहले इसके कुछ हिस्सों पर उठने वाली आपत्तियों को ठीक से नहीं संभाला।
हालांकि, इस विवाद के बाद भी संसद और स्वतंत्रता दिवस समारोह में 'वंदे मातरम' को प्राथमिकता दी गई है।
विवाद
केरलम के राष्ट्रीय गीत पर आदेश ने भी खड़ा किया विवाद
हाल ही में केरल की कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकार ने भी स्कूलों के लिए स्वतंत्रता दिवस के निर्देश जारी किए थे, जिसमें राष्ट्रगान (जन गण मन) और ध्वजारोहण को अनिवार्य किया गया था, लेकिन वंदे मातरम गाने का कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिया था।
यह घटनाक्रम राष्ट्रीय गीत पर केंद्र के निर्देशों को लेकर चल रहे व्यापक विवाद के बीच आया है, जिसकी भाजपा ने कड़ी आलोचना की और राष्ट्रीय गीत के अपमान का आरोप लगाया।